लखनऊ पहले, इंदौर दूसरे, पटना तीसरे स्थान पर स्वच्छता फीडबैक रैंकिंग में

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 पटना
 स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत शहरों की साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को लेकर लोगों से ऑनलाइन सिटिजन फीडबैक लिया जा रहा है। रविवार दोपहर तक जारी आंकड़ों में पटना ने सात लाख से भी अधिक सिटिजन फीडबैक के साथ देशभर में तीसरा स्थान हासिल कर राज्य का मान बढ़ाया है।

वहीं, बिहार के अन्य तीन स्मार्ट सिटी इस मामले में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। सबसे अधिक 9,03,240 सिटिजन फीडबैक के साथ लखनऊ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर इंदौर है, जहां से 8,63,752 लोगों ने अपनी राय दी है।

पटना को अब तक 7,05,036 सिटिजन फीडबैक मिले हैं और वह देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि बिहार के शीर्ष-300 शहरों में पटना अकेला शहर है, जिसने उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज कराई है।

पटना को छोड़ दें तो राज्य के अन्य तीन स्मार्ट सिटी नागरिक भागीदारी के मामले में काफी पीछे हैं। मुजफ्फरपुर को अब तक केवल 6,003 फीडबैक मिले हैं।

भागलपुर में यह संख्या 4,828 रही, जबकि बिहारशरीफ की स्थिति सबसे कमजोर दिखी और वहां केवल 901 लोगों ने फीडबैक दिया। बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के सिटीजन फीडबैक में पटना ने देशभर में चौथा स्थान हासिल किया था।

रैंकिंग तय करने में अहम योगदान
स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय, सड़क सफाई और अन्य सुविधाओं पर लोगों की राय के आधार पर रैंकिंग तय की जाती है।

पटना नगर निगम प्रशासन भी अधिक से अधिक लोगों से ऑनलाइन फीडबैक देने की अपील कर रहा है, ताकि शहर की वास्तविक स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तरीके से सामने आ सके।

स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है। वर्तमान में चल रहा फील्ड असेसमेंट निगम के लिए अहम माना जा रहा है। इस दौरान सिटीजन फीडबैक पोर्टल भी सक्रिय है।

पोर्टल व एप के माध्यम से नागरिक दे सकते हैं फीडबैक
पोर्टल cf.sbmurban.org या स्वच्छता एमओएचयूए एप के माध्यम से नागरिक फीडबैक दे सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से केवल एक बार फीडबैक दर्ज होगा। केंद्रीय टीम के आन-फील्ड सत्यापन के दौरान भी नागरिकों से यही प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जिसके अंक स्वच्छता सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे।

पूछे जा रहे 13 महत्वपूर्ण सवाल
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहरवासियों से साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इनमें घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा पृथक्करण, नियमित सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल) सेंटर की जानकारी तथा शिकायत निवारण व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं।

12,500 अंकों पर तय होगी नगर निकायों की रैंकिंग
नगर निकायों की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार पर तय होगी। इसमें ओडीएफ, वाटर प्लस एवं गार्बेज फ्री सिटी जैसे सर्टिफिकेशन के लिए 2,000 अंक निर्धारित किए गए हैं।

वहीं, आन-ग्राउंड असेसमेंट को सबसे अधिक महत्व देते हुए इसके लिए 9,500 अंक तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नागरिकों की सहभागिता और संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए सिटीजन फीडबैक के लिए 1,000 अंक निर्धारित किए गए हैं।

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