मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Date:

नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद पर विचार-मंथन के लिए भोपाल में एकत्र हुईं विद्युत कम्पनियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढ़कर देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का होटल मैरिएट में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पुस्तक 'सैलियंट पॉवर स्टैटिस्टिक्स वर्ष 2024-25 से 2025-26' विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के इस साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विद्युत कम्पनियों के प्रतिनिधि तथा ऊर्जा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाईयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जब जी-20 सम्मेलन में ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं।

राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं, लेकिन सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है।

सस्ती भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी कार्यशाला

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव से गुजर रहा है। हमारी जिम्मेदारी केवल बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि उसे विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती बनाना है। भविष्य के लिए हमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का ऐसा संतुलित मिश्रण विकसित करना होगा, जिससे ऊर्जा संक्रमण की लागत न बढ़े और उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार न पड़े।

मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में नई संगठनात्मक संरचना और नई भर्तियों को मिली स्वीकृति, निश्चित ही हमारी विद्युत कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से ऐसे व्यावहारिक सुझाव निकलेंगे जो हमारी वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कर सकेंगे। कार्यशाला सस्ती और भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार ने कांफ्रेस के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कॉन्फ्रेंस में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती...

मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

मीरजापुर योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को...