महागौरी ने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म देकर बढ़ाई शेरों की संख्या

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नई दिल्ली
चिड़ियाघर में शेरनी महागौरी ने सोमवार को 3 शावकों को जन्म दिया। उसका मिलन महेश्वर नामक शेर से हुआ था। चिड़ियाघर में शेरों का यही एकमात्र स्वस्थ्य जोड़ा है जिनकी मेटिंग से पिछले साल भी शावकों का जन्म हुआ था। इसे चिड़ियाघर के डायरेक्टर डॉ. संजीत कुमार के निर्देश और निगरानी पर चलाई जा रही योजना की सफलता माना जा रहा है।

पिछले साल 5 को दिया जन्म
2014 के बाद से महागौरी पहली शेरनी है, जिसने करीब 15 महीने में दूसरी बार शावकों को जन्म दिया है। पिछले साल 27 अप्रैल को महागौरी ने 5 शावकों को जन्म दिया था। उनमें से एक मरा हुआ पैदा हुआ था। अन्य 2 भी गर्भावस्था में ठीक से विकसित नहीं होने के कारण कमजोर पैदा हुए थे। उनकी भी 2 दिन के अंदर मौत हो गई थी। बाकी 2 शावकों को भी चिड़ियाघर के वेटनरी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था।

बूढ़ा हो गया शावक सुंदरम
एनबीटी ने शेरनी के प्रजनन की संभावना के बारे में 7 जून को खबर छापी थी। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि 2014 में 2 शावकों को जन्म देने वाली शेरनी को चंडीगढ़ चिड़ियाघर भेज दिया गया था। वहां भी उसने 2 शावकों को जन्म दिया था। 2009 में जन्म लेने वाला शावक जिसका नाम सुंदरम है, वो बूढ़ा हो गया है।

9 हो गई है शेरों की संख्या
2009 से पहले तक चिड़ियाघर में शेरों के प्रजनन की स्थिति काफी अच्छी थी। हर 2-3 साल में शेर के बच्चों का प्रजनन हो जाता था। इस कारण अन्य जू में यहां से शेर और शेरनी दिए गए हैं। 2009 के बाद 27 जून 2014 में और उसके बाद 27 अप्रैल 2025 में शेर के बच्चों का प्रजनन हुआ। शेर सुंदरम, महेश्वर, शैलजा, महागौरी और उसके 2 बच्चों को मिलाकर चिड़ियाघर में कुल 6 शेर थे। इनमें 3 नर और 3 मादा हैं। अब महागौरी के 3 और शावकों की संख्या बढ़ने से शेरों की संख्या 9 हो गई है।

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