गुरुग्राम
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच निर्माण स्थलों पर नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों के विरुद्ध हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
बोर्ड की टीम ने गुरुग्राम में ग्रेप-2 के नियमों का उल्लंघन मिलने पर दस निर्माण साइटों को सील कर दिया है। इन साइटों पर धूल नियंत्रण के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। निर्माण स्थलों पर न तो सीसीटीवी कैमरे और सेंसर लगाए गए थे और न ही एंटी स्माग गन, स्प्रिंकलर और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाएं मिलीं।
अब लगेगा जुर्माना भी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब संबंधित निर्माणकर्ताओं पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी करेगा। निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम करना अनिवार्य है।
इसके तहत निर्माण स्थल को बैरिकेडिंग से ढकना, पानी का नियमित छिड़काव करना, एंटी स्माग गन और स्प्रिंकलर लगाना जरूरी है। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों और धूल नियंत्रण के उपायों की निगरानी के लिए कैमरे और सेंसर भी लगाए जाने हैं।
एचएसपीसीबी की जांच में दस निर्माण साइटों पर इन व्यवस्थाओं की कमी पाई गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी साइटों को सील कर दिया।
जुर्माना भी लगाया जाएगा, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
ग्रेप-2 लागू होने के बाद निर्माण गतिविधियों में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के इंतजाम नहीं होने से आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है।
बोर्ड की ओर से अब सील की गई साइटों के संचालकों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाले निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा।
निर्माण स्थलों पर ग्रेप-2 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जांच की जा रही है। जिन दस साइटों पर धूल नियंत्रण के जरूरी इंतजाम नहीं मिले, उन्हें सील किया गया है। संबंधित निर्माणकर्ताओं पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।–हरीश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (गुरुग्राम उत्तर)

