सफाईकर्मी की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, दो आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने खत्म किया विरोध

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मलेरकोटला.

मालेरकोटला में सफाई कर्मचारी शिव कुमार की कथित हत्या के मामले में छह दिन बाद पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपित समेत तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मृतक के परिवार ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है।

हालांकि परिवार ने साफ कर दिया है कि यदि मृतक के भोग से पहले बाकी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो अनुसूचित जाति संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष को और तेज किया जाएगा। मृतक शिव कुमार, पंजाब अनुसूचित जाति आयोग की पूर्व सदस्य पूनम कांगड़ा के छोटे भाई थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार ने लगातार पांच दिनों तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया था।

5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
डीएसपी यादविंदर सिंह ने बताया कि आठ जुलाई को पुलिस को शिव कुमार की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी। मामले की जांच के बाद मृतक की मां बबली के बयान के आधार पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित नासरा और उसके दामाद जावेद नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपित समेत अन्य तीन आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। भारतीय आंबेडकर मिशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष दर्शन सिंह कांगड़ा ने कहा कि पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परिवार ने शिव कुमार का पोस्टमार्टम राजिंदरा अस्पताल, पटियाला में कराने और अंतिम संस्कार करने पर सहमति दे दी है।

न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं
परिवार ने स्पष्ट किया है कि न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। यदि मृतक के भोग से पहले मुख्य आरोपित समेत तीनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो भोग की रस्में भी मालेरकोटला के लुधियाना बाईपास के निकट सड़क किनारे टेंट लगाकर की जाएंगी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति संगठनों के सहयोग से बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

वहीं परिवार और सामाजिक संगठनों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस मामले ने एक बार फिर कानून व्यवस्था, त्वरित जांच और पीड़ित परिवार को समय पर न्याय दिलाने की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।

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