चीनी के बढ़ते दाम के बीच बड़ा फैसला, व्यापारियों के लिए 400 टन स्टॉक की सीमा तय

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चंडीगढ़
चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच जमाखोरी रोकने के लिए प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। अधिकतम स्टॉक की सीमा तय कर दी गई है। किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान या समय पर अधिकतम 4000 क्विंटल यानी 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

नए नियम के तहत कोई भी व्यापारी चीनी के स्टॉक को प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रख पाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए चीनी व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमाएं तय की गई हैं।

व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना और अपने वर्तमान स्टॉक की घोषणा करना तुरंत प्रभाव से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापारियों को हर शुक्रवार पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण अद्यतन (अपडेट) करना होगा।

यह विशेष आदेश एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि पोर्टल पर पंजीकरण न कराने, विलंब करने या गलत और अधूरी जानकारी देने वाले दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने राज्य में चीनी की कीमतों और आपूर्ति की निरंतर निगरानी का आश्वासन देते हुए आम जनता से घबराकर अनावश्यक खरीदारी या जमाखोरी न करने की अपील की है। यदि किसी उपभोक्ता को जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या अनुचित दाम वसूलने की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में दे सकते हैं, ताकि त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।

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