संगरूर.
खनौरी बॉर्डर पर दूसरे दिन भी किसानों का मोर्चा जारी है। सोमवार को संगरूर-पटियाला के सिविल व पुलिस प्रशासन द्वारा जगजीत सिंह डल्लेवाल व अन्य किसान नेताओं से बैठक की। बैठक के उपरांत जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि खनौरी बार्डर पर पक्का मोर्चा लगाने का उनका कोई विचार नहीं है।
किसान पैदल ही दिल्ली जंतर-मंत्र पर जाना चाहते हैं। जत्थे में 51 किसान पदयात्री व उनके साथ कुछ सहयोगी किसान ही आगे जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा प्रशासन ने खनौरी बार्डर सील करके उन्हें यहां रोक लिया है, जिसके चलते वह यहां बैठे हैं। अगर अब रास्ता खुल जाए व हरियाणा प्रशासन उन्हें पैदल आगे जाने की अनुमति दे देता है तो अभी जत्था यहां से रवाना हो जाएगा।
पंजाब सरकार की तरफ से पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से प्रशासनिक अधिकारी उनके पास मुलाकात के लिए पहुंचे व उन्होंने किसान संगठनों से उनकी मांग संबंधी पर बातचीत की, जिस पर डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि किसान आंदोलन 2.0 से संबंधित सभी फसलों पर एमएसपी तय करने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, कर्जामाफी सहित नौ पुरानी मांगें व अब अमेरिका-भारत ट्रेड डील रद करवाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन व सरकार मिलकर हरियाणा प्रशासन से बातचीत करके रास्ता खुलवाएं। केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक तय करवाएं, ताकि किसान 2.0 दौरान जहां से उक्त मांगों संबंधी विचारचर्चा बंद हुई थी, वहीं से दोबारा आरंभ की जा सके।
किसान; आज हो सकती हैं कई बैठकें
उन्होंने कहा कि अभी बैठकों का दौर जारी है व बैठकों में सभी साथियों की सहमति से अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रशासन के कहने पर 51 किसानों के जत्थों में सदस्यों की संख्या कम करके 41 करने को भी तैयार हैं, इसलिए हरियाणा प्रशासन उन्हें आगे जाने की अनुमति जल्द प्रदान करे।

