चंडीगढ़.
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ) की ओर से वांटेड घोषित किए गए हरमनवीर सिंह को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने स्टॉकटन से गिरफ्तार कर लिया।
उस पर कथित तौर पर रविंदर ढंडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के साथ मिलकर अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के बीच कोकीन और मेथएमफेटामीन की सीमा पार तस्करी की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। एफबीआइ के अनुसार, हरमनवीर सिंह पहले से वांटेड था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन से जुड़ा हुआ था, जो तीन देशों में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए काम करता था। बुधवार सुबह कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने स्टॉकटन में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रविंदर ढंडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का आधार कनाडा के वैंकूवर में बताया गया है। आरोप है कि यह गिरोह अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथएमफेटामीन की तस्करी करता था। हरमनवीर सिंह पर इसी नेटवर्क के साथ मिलकर तस्करी की साजिश रचने का आरोप है। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने सीमा पार सक्रिय संगठित अपराध और ड्रग तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए कई संयुक्त अभियान चलाए हैं। इन अभियानों में ऐसे गिरोहों को निशाना बनाया गया है, जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला, धन शोधन और हिंसक आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
एफबीआइ ने हाल के वर्षों में भारत और कनाडा से जुड़े कई वांटेड आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। एजेंसी ने कई मामलों में रेड कॉर्नर नोटिस, गिरफ्तारी वारंट और इनाम घोषित कर आरोपितों की तलाश की। अमेरिका की जांच एजेंसियां कनाडा, मैक्सिको और भारत सहित अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों की निगरानी में रहे हैं। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क और उनके विदेशी संपर्कों पर भी जांच एजेंसियों का फोकस बढ़ा।
हालांकि, हरमनवीर सिंह की गिरफ्तारी का इस मामले या लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कोई प्रत्यक्ष संबंध एफबीआइ ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क पर लगातार हो रही कार्रवाई का उद्देश्य सीमा पार संचालित संगठित अपराध गिरोहों की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।

