Faridabad Nagar Nigam में बड़ा मामला, सहायक कर्मचारियों को SPIO बनाने पर राज्य सूचना आयोग सख्त

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चंडीगढ़.

हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने सहायक स्तर के क्लेरिकल कैडर के कर्मचारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी (एसपीआइओ) नियुक्त किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत एसपीआइओ का दायित्व केवल सूचना के आवेदन को आगे बढ़ाने या उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे यह तय करना होता है कि मांगी गई सूचना कानून के तहत सार्वजनिक की जा सकती है या किसी वैधानिक अपवाद के दायरे में आती है। ऐसे में इस पद पर पर्याप्त प्रशासनिक अनुभव, जिम्मेदारी और कानूनी समझ रखने वाले अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है।

राज्य सूचना आयुक्त डा अजय सूरा की पीठ ने यह टिप्पणी फरीदाबाद निवासी दीपक त्रिपाठी की ओर से दायर शिकायत पर सुनवाई के दौरान की। शिकायतकर्ता ने नगर निगम फरीदाबाद से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। सुनवाई के दौरान आयोग के संज्ञान में नगर निगम की ओर से 25 अगस्त 2025 को जारी वह ज्ञापन आया, जिसमें सहायक स्तर के अधिकारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी नामित किया गया था। सहायक स्तर के अधिकारी लिपिकीय कैडर से आते हैं और क्लर्क से एक पद ऊपर होते हैं।आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा, आयोग की दृढ़ राय है कि लिपिकीय स्टाफ यानी सहायकों को राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में नामित करना न तो सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुकूल है और न यह कानून की भावना एवं उद्देश्य तथा राज्य सरकार के अपने निर्देशों के अनुरूप है।

आयोग ने हरियाणा सरकार की 14 अगस्त 2018 की उन हिदायतों का भी उल्लेख किया, जिनमें मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया था कि राज्य लोक सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में पर्याप्त वरिष्ठ अधिकारियों को नामित किया जाना चाहिए। आयोग के अनुसार नगर निगम फरीदाबाद में सहायक स्तर के कर्मचारी को राज्य लोक सूचना अधिकारी बनाना इन निर्देशों के अनुरूप नहीं है।आयोग ने कहा कि वरिष्ठ स्तर का अधिकारी अलग-अलग शाखाओं में उपलब्ध अभिलेखों तक बेहतर पहुंच रखता है और सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 5(4) के तहत अधीनस्थ अधिकारियों से आवश्यक सहायता ले सकता है। इसके अलावा वह सूचना के अपवादों से जुड़े दावों का मूल्यांकन कर पारदर्शिता और कानून से संरक्षित हितों के बीच उचित संतुलन कायम करते हुए निर्णय ले सकता है।

हालांकि, आयोग ने कोई अनिवार्य निर्देश जारी नहीं किया, लेकिन नगर निगम आयुक्त, फरीदाबाद को मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने की सलाह दी। आयोग ने कहा कि पर्याप्त प्रशासनिक अधिकार और अनुभव रखने वाले उपयुक्त मध्य स्तर या वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य लोक सूचना अधिकारी बनाया जाना चाहिए।

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