कलकत्ता
हाईकोर्ट ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत दी। अदालत ने दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र की ऑफिस को तोड़े जाने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी। रविवार को विशेष सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह आमतला स्थित भवन से जुड़े सभी दस्तावेज अदालत में पेश करे। यह भवन कथित तौर पर लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के स्वामित्व में है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक अन्य मामले में दावा किया कि अभिषेक बनर्जी इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
अदालत ने आदेश दिया कि डायमंड हार्बर रोड स्थित इस भवन को जुलाई के अंत तक यथास्थिति में रखा जाए और तब तक किसी तरह की तोड़फोड़ न की जाए। मामले की अगली सुनवाई नियमित पीठ के समक्ष होगी। भवन की मालिक कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती दी है। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को इस भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू की थी। प्रशासन का आरोप है कि भवन बिना स्वीकृत नक्शे के बनाया गया था और निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया है।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के अधीन पुलिस कानून तोड़ने वाली बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलीभगत कर यह कार्रवाई की है। डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र में अमतला स्थित उनके कार्यालय को ढहा दिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट बुलडोजर से की जाने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को असंवैधानिक ठहरा चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'बंगाल में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। वीडियो में पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान भाजपा के गुंडों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज, मेज, कुर्सियां और अन्य सामान से भरे बक्से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।' उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह ध्वस्तीकरण नहीं था, बल्कि वर्दी पहनकर की गई चोरी थी, जिसे कानून के शासन के प्रति पूरी तरह अवमानना के साथ अंजाम दिया गया। यह सब तब हुआ, जब मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा, 'जिन पर कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, वही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस पर शर्म आती है।'

