चंडीगढ़.
यूटी में कर्मचारियों के लिए जल्द ही नियम बदलने जा रहे हैं, जोकि प्राइवेट कंपनियों और निजी संस्थानों पर भी लागू होंगे। प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना। सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा। महिला कर्मचारियों की रात्रि पाली के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
इसके लिए प्रशासन ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां (ओएसएचडब्ल्यूसी) नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। ड्राफ्ट पर 45 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।
दैनिक कार्य अवधि और ओवरटाइम भी निर्धारित मानकों के अनुसार ही होंगे। कर्मचारियों के कार्य घंटे, अवकाश, वेतन अभिलेख और अन्य रिकॉर्ड का रखरखाव भी नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य होगा। 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण और जोखिम वाले कार्यों में लगे कर्मचारियों की वर्ष में दो बार मेडिकल जांच कराने का भी प्रविधान रखा गया है।
महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली में काम कराने की अनुमति सुरक्षा उपायों के साथ होगी। नियोक्ताओं को सुरक्षित परिवहन, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। ड्राफ्ट के अनुसार कार्यस्थल पर किसी कर्मचारी की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना होने पर नियोक्ता को निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों, पुलिस और कर्मचारी के परिजनों को सूचना देनी होगी। बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सेफ्टी कमेटी और निर्धारित श्रमिक संख्या वाले संस्थानों में सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त करने का भी प्रस्ताव है।श्रम विभाग के अनुसार प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा।

