UK का बड़ा फैसला, ग्रेजुएट वीजा नियम आसान; स्टूडेंट्स के बच्चे अब डिपेंडेंट वीजा के लिए होंगे पात्र

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चंडीगढ़ 

ग्रेजुएट (पोस्ट-स्टडी वर्क) वीजा के तहत ब्रिटेन गए पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने अब ग्रेजुएट वीजा धारकों के ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के लिए डिपेंडेंट वीजा का आवेदन करने की छूट दी है। जिससे उन्हें लीगल स्टेटस मिल सकेगा। इससे पहले ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के कानूनी स्टेटस को लेकर पेरेंट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बच्चे का लीगल स्टेटस साफ नहीं होने के कारण यात्रा के दौरान भी परेशानियां आती थीं।

नए नियम लागू होने के बाद ऐसे बच्चों को जन्म के बाद कानूनी पहचान मिल सकेगी। नए नियमों के तहत बच्चे को माता-पिता की मौजूदा अनुमति के आधार पर वैध दर्जा मिल सकेगा। यह बदलाव 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश किया गया था और 3 अगस्त 2026 से लागू होगा।

जानें नए नियम का क्या असर

    18 महीने में स्किल्ड नौकरी ढूंढना होगा मुश्किल- भारतीय छात्र ब्रिटेन में बड़ी संख्या में ग्रेजुएट वीजा पर हैं। 2025 में भारतीयों को लगभग 90,153 ग्रेजुएट वीजा मिले। इनमें पंजाब, हरियाणा संख्या अधिक है। इस बदलाव से पंजाब के हजारों युवाओं को प्रभावित होना पड़ेगा। 18 महीने में स्किल्ड जॉब ढूंढना और स्पॉन्सरशिप हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

    दिसंबर 2026 तक अप्लाई करने वालों को 2 साल की राहत- जो छात्र 2026 के अंत तक आवेदन कर लेंगे उन्हें 2 साल की राहत मिलेगी और PhD करने वाले छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा। ब्रिटेन इमिग्रेशन का कहना है कि कुल मिलाकर यह बदलाव पंजाबी परिवारों के लिए चुनौती और जल्द प्लानिंग का संदेश दोनों है।

    3 अगस्त 2026 से नया प्रावधान लागू होगा- 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश सेटलमेंट आफ चेंजेस HC 259 के तहत 3 अगस्त 2026 से नया प्रावधान लागू हो गया है। अब ग्रेजुएट वीजा पर रहते हुए यूके में जन्मे बच्चे डिपेंडेंट के रूप में आवेदन कर सकते हैं। बच्चे को पैरेंट के वीजा की समाप्ति तक की परमिशन मिलेगी।

    पहले नहीं था बच्चे के लिए कोई नियम-3 अगस्त 2026 से पहले ग्रेजुएट वीजा पर स्विच करने के बाद यूके में जन्मे बच्चे के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं था। नियम केवल स्टूडेंट वीजा के दौरान पहले से डिपेंडेंट बच्चों या स्टूडेंट वीजा के समय जन्मे बच्चों को ही कवर करते थे। ग्रेजुएट वीजा के दौरान जन्मे बच्चे को लेकर पेरेंट दुविधा में रहते थे। उनके इमिग्रेशन स्टेटस का साफ रास्ता नहीं था, जिससे परिवारों को काफी परेशानी होती थी।

काम करने की पुरानी अवधि का लाभ मिलेगा
इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 से बैचलर्स और मास्टर्स डिग्री धारकों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क (PSW) वीजा की अवधि 2 साल से घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। हालांकि, पीएचडी या डॉक्टरल डिग्री वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद पहले की तरह 3 साल तक ब्रिटेन में रहने की अनुमति जारी रहेगी। जो छात्र 31 दिसंबर 2026 तक ग्रेजुएट वीजा के लिए आवेदन कर देंगे, उन्हें पढ़ाई के बाद 2 साल तक काम करने की पुरानी अवधि का लाभ मिलेगा।

वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी
इसके बाद आवेदन करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। ब्रिटेन सरकार का कहना है कि कई ग्रेजुएट स्किल्ड स्तर की नौकरियों में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से वीजा अवधि कम की गई है, ताकि वे जल्द ही स्किल्ड वर्कर वीजा की श्रेणी में स्विच कर सकें।

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