टेस्ट से संन्यास पर भावुक हुए मोहम्मद शमी, बोले- भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा दिल में रहेगा

Date:

नई दिल्ली
 'मैं मुस्लिम हूं और मुझे इस पर गर्व है। मैं भारतीय हूं और मुझे इस पर भी गर्व है। मेरे लिए देश सबसे पहले है। मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, इससे ज्यादा मेरे लिए कुछ मायने नहीं रखता…' मोहम्मद शमी ने यह बयान 2023 में दिया था। क्रिकेटर के तौर पर वह कम ही इंटरव्यू देते हैं, लेकिन जब भी उन्हें क्रिकेट या देश को लेकर कोई बात कहनी हो तो बड़ी बेबाकी से रखते हैं। स्ट्रेंज वाइफ हसीन जहां के सिंदूर लगाने को लेकर कट्टरपंथियों की ओर से ट्रोलिंग हो या फिर उनसे बिगड़ते रिश्तों पर विवाद, शमी हमेशा मुखर रहे। अब जब उन्हें लगा कि टेस्ट में वापसी संभव नहीं तो उन्होंने 6 नवंबर यानी 2013 में जिस दिन उन्होंने करियर का आगाज किया था उसी दिन संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्हें इस तरह से बिना मैदान पर खेले विदाई लेते देखना दिल तोड़ने वाला है।

मोहम्मद शमी होने का मतलब क्या है?
एक बात जो यहां खटकती है वो ये कि शमी ऐसे नहीं हैं। वह टूटते नहीं हैं, वह ऐसे चट्टान हैं, जिन्हें सिर्फ मौका चाहिए, जो मिलता है तो वह पूरी जान लगा देते हैं। 2023 विश्व कप में हार्दिक पंड्या के रिप्लेसमेंट के तौर पर आए और सिर्फ 7 मैचों में ही 24 विकेट झटकते हुए कोहराम मचा दिया था। उनकी परफॉर्मेंस देखकर हर कोई हैरान रह गया था। मोहम्मद होने का मतलब ही बेखौफ है। बिंदास है। जांबाज है। योद्धा है और जबरदस्त टीम मेट तो निजी जीवन में मिलनसार इंसान है। कहें तो मोटिवेशन का दूसरा नाम हैं। उनके साथ खेले किसी भी खिलाड़ी ने कभी कोई शिकायत नहीं की। बहुत कम ऐसा देखने को मिलता है कि किसी क्रिकेटर का करियर लंबा रहा हो और कोई शिकायत करने वाला न मिले।

करियर ग्लैमराइज नहीं, जमीन से जुड़ा होना उनकी यूएसपी!
देश को पहले रखने वाले शमी आईपीएल के हर सीजन में जबरदस्त प्रदर्शन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद जब फ्रेंचाइजी उन्हें रिलीज करती है तो वह सीधे कहते हैं जो मौका देगा उसके लिए परफॉर्म करूंगा। यह सोचने में समय नहीं खराब करता कि क्यों पिछली फ्रेंचाइजी ने रिटेन नहीं किया। संभव है दमदार पेसर होने के बावजूद उनका अपने व्यक्तित्व को ग्लैमराइज नहीं कर पाना उनके भाव (कीमत) को कम कर देता है, लेकिन यह भी बड़ी बात है कि स्टार क्रिकेटर होने के बावजूद उनके पांव जमीन पर कायम हैं। उनका प्रैक्टिस नेट खेतों के बीच गड़ा है तो हर पिता की तरह बेटी को लेकर भावुक हो जाते हैं।

क्रिकेटर के तौर पर शायद उन्हें इस बात का जरूर मलाल होगा कि भारत पिछले दोनों टी20 विश्व कप खिताब जीतने में कामयाब रहा, लेकिन वह योग्य होने के बावजूद दोनों ही टीम का हिस्सा नहीं थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में कैरेबियाई धरती पर फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर तिरंगे का मान बढ़ाया तो दूसरी बार 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरी बार और ओवरऑल तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। बावजूद इसके शमी का करियर बेहद शानदार और गौरवान्वित रहा। टेस्ट क्रिकेट के 64 मैचों में 229 विकेट उनके सफल करियर को सलामी जरूर दे रहे हैं, लेकिन मलाल इस बात का है कि उनका सफर इससे कहीं अधिक दूर तक जाने के योग्य था।

रवि शास्त्री ने कहा- वो और क्या ही कर सकता था
पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास पर दुख जताते हुए सेलेक्टर्स के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। शास्त्री ने खुलकर निराशा व्यक्त की और कहा कि बंगाल के लिए लगातार घरेलू और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ओवर फेंक रहे शमी को टेस्ट टीम में एक और मौका न मिलना समझ से परे है।

'जिम में पूरी तरह फिट होने का क्या फायदा, अगर आप मैच में 10-12 ओवर भी गेंदबाजी न कर सकें? यहां आपके पास एक ऐसा वर्कहॉर्स गेंदबाज था जो लगातार मेहनत करने को तैयार था ऐसे में एक खिलाड़ी से साबित करने के लिए और क्या उम्मीद की जाती है?'

रवि शास्त्री, भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच
उन्होंने मीडिया में चल रही शमी की अनफिट होने की खबरों को खारिज करते हुए साफ किया कि शमी का बंगाल के लिए लगातार मैदान पर उतरना और लंबा स्पेल डालना ही उनकी पूर्ण फिटनेस का सबसे बड़ा प्रमाण था।

मोहम्मद शमी का भावुक मैसेज
मैं सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं। जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी तो सिर्फ एक सपना था- अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का। उसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ ना कुछ सिखाया। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, मेरी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा रहा है। आज भारी दिल और खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर रहा हूं। इस सफर में मेरा साथ देने वाले हर टीम के साथी, कोच, परिवार और उन करोड़ों भारतीयों का दिल से शुक्रिया, जिनके अच्छे और मुश्किल दोनो वक्त में मुझ पर भरोसा बनाया रखा। बीसीसीआई और सीएबी का भी दिल से शुक्रिया, जिन्होंने मेरे टैलेंट पर भरोसा किया, मुझे आगे बढ़ने के मौके दिए और मेरे क्रिकेट के सफर में एक अहम भूमिका निभाई। आपका साथ और विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मैदान पर मेरी आखिरी टेस्ट बॉल भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा। शुक्रिया, टेस्ट क्रिकेट। आपका शमी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पटवारियों की बेमियादी हड़ताल से बीजापुर में बढ़ी परेशानी, राजस्व कार्यों पर संकट

बीजापुर. भोपालपट्टनम में राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने...

बिहार की नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, एनएचएआई के साथ हुआ करार

पटना बिहार की गाद नीति देश के लिए मॉडल बनेगा।...