भोपाल
मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड प्रदेश के तीन बड़े शहरों भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक की आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने की तैयारी में है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए 2 हजार से अधिक किफायती और लग्जरी आवासों के साथ एक हजार से अधिक दुकानें, शोरूम और ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने की योजना है। बोर्ड का फोकस रीडेवलपमेंट और रीडेसिफिकेशन पर है, ताकि उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग कर शहरी सुविधाएं विकसित की जा सकें।
इनमें भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी परियोजना सबसे बड़ी होगी। इस पर 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है। जबलपुर के धन्वंतरि नगर में 480 करोड़ रुपए की मिश्रित आवासीय-कमर्शियल योजना को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि ग्वालियर में ग्वाल सागर परियोजना पर काम चल रहा है। इनको आगामी अर्बन कॉन्क्लेव में भी प्रदर्शित करने की तैयारी है। जबलपुर में परियोजना का टेंडर जल्द जारी होगा। भोपाल और ग्वालियर की योजनाओं को भी जल्द लॉन्च करने के प्रयास हैं।
भोपाल- प्रोफेसर कॉलोनी में बनेगी नई डीपीआर
भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी परियोजना छोटे तालाब के नजदीक होने के कारण एनजीटी तक पहुंच गई थी। अब इसमें कलेक्टर कार्यालय को हटा दिया गया है और संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है। यहां आवासीय भवनों के साथ चौड़ी सड़कें और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भोपाल में ही करीब 1500 करोड़ के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इससे राजधानी में आवासीय और व्यावसायिक विकास की योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
जबलपुर- धन्वंतरिनगर में बनेंगी ऊंची इमारतें
जबलपुर के धन्वंतरि नगर में 480 करोड़ रुपए की योजना को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। करीब 6.36 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस मिश्रित परियोजना में 1, 2, 3 और 4 बीएचके के फ्लैट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दुकानें और ऑफिस स्पेस बनाए जाएंगे। यहां 60 मीटर तक ऊंची इमारतें प्रस्तावित हैं, जो शहर की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल होंगी। योजना में बड़े आकार के 38 ऑफिस हॉल और 112 दुकानें बनाने की तैयारी है। पार्किंग के लिए एक हजार से अधिक स्थान विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
ग्वालियर- 300 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट
ग्वालियर में ग्वाल सागर परियोजना पर 300 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा बायपास क्षेत्र में आवासीय योजना विकसित करने की तैयारी है। सूर्यनगर फेज-2 को बोर्ड पहले ही मंजूरी दे चुका है। इन योजनाओं के जरिए आवासीय विकल्प बढाने के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए स्थान विकसित किए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हाईराइज भवनों और बड़े आवासीय-कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है।
हाईराइज बिल्डिंग बनेंगी
एमपी हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हाउसिंग बोर्ड हाईराइज बिल्डिंगों पर तेजी से काम कर रहा है। धन्वंतरि नगर में जबलपुर की सबसे ऊंची बिल्डिंग बनेगी, जो शहर के विकास के लिए एक माइलस्टोन बनेगी। जल्द ही इसका टेंडर जारी किया जाएगा। भोपाल और ग्वालियर में भी बड़े आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट जल्द लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

