चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने हाल ही में नियुक्त ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए 29 जुलाई को पंचकूला के सेक्टर-तीन स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में राज्य स्तरीय परिचय एवं प्रशिक्षण (इंडक्शन) कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इसे केवल औपचारिक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि सरकारी सेवा की नई कार्य संस्कृति विकसित करने की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नवनियुक्त कर्मचारियों को भाजपा सरकार की रीति-नीति, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देंगे।
मानव संसाधन विभाग द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को जारी निर्देशों के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 या उसके बाद नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
विशेष बात यह है कि कर्मचारियों के माता-पिता अथवा जीवनसाथी को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया गया है। इससे सरकार नियुक्ति को केवल रोजगार नहीं, बल्कि परिवार के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश देना चाहती है।
इस परिचय एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य नए कर्मचारियों को सरकारी सेवा की कार्य संस्कृति, प्रशासनिक व्यवस्था, सेवा आचरण, अनुशासन और जनहित में कार्य करने की जिम्मेदारियों से परिचित कराना है।
सरकार का मानना है कि सेवा के शुरुआती चरण में ही कर्मचारियों को प्रशासनिक मूल्यों और सुशासन की भावना से जोड़ने पर उनकी कार्यशैली अधिक जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगी। हरियाणा की नायब सरकार अभी तक 60 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही करीब 25 हजार कर्मचारियों का रिजल्ट घोषित कर दिया था।
प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नायब सिंह सैनी सरकार लगातार ''''बिना पर्ची, बिना खर्ची'''' के आधार पर पारदर्शी और मेरिट आधारित सरकारी भर्ती को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती रही है।
ऐसे में यह कार्यक्रम उसी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है, जहां निष्पक्ष भर्ती के बाद कर्मचारियों को ईमानदार, संवेदनशील और उत्तरदायी प्रशासन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
– 29 जुलाई को ताऊ देवी लाल स्टेडियम, पंचकूला में होगा राज्य स्तरीय परिचय एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम।
– 16 अक्टूबर 2025 या उसके बाद नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारी होंगे शामिल।
– कर्मचारियों के माता-पिता या जीवनसाथी को भी किया गया आमंत्रित।
– उद्देश्य सेवा भावना, अनुशासन, प्रशासनिक कार्य संस्कृति और जनसेवा के मूल्यों से परिचित कराना।
– 'बिना पर्ची-बिना खर्ची' भर्ती व्यवस्था को सुशासन और जवाबदेह प्रशासन से जोड़ने की दिशा में सरकार की अहम पहल।

