नक्सल पुनर्वास नीति से मिली नई जिंदगी, 5 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को मिला सरकारी रोजगार

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रायपुर : नक्सल पीड़ित 5 परिवारों के सदस्यों को मिली शासकीय सेवा

नक्सल पुनर्वास नीति से जीवन में आई स्थिरता, कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने सौंपे नियुक्ति पत्र

आर्थिक संबल के साथ आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की राह हुई प्रशस्त

रायपुर,

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पांच नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई है। जिला कार्यालय में बुधवार को आयोजित बैठक के दौरान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

आदिवासी विकास विभाग के आश्रमों और छात्रावासों में मिली
      नक्सल पीड़ित परिवारों के इन पांच सदस्यों की नियुक्ति आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं आश्रमों में भृत्य पद पर की गई है। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वालों में रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे, दिलसाय कोरेटी, सुसमीला पूड़ो एवं सुपायल ईश्वर पूड़ो शामिल हैं। शासकीय सेवा का अवसर मिलने से इन परिवारों को नियमित रोजगार के साथ आर्थिक स्थिरता मिलेगी और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे।

पुनर्वास नीति से पीड़ित परिवारों को मिल रहा नया संबल
      नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी क्रम में पात्र परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा का अवसर दिया जाना उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शासकीय नौकरी मिलने से प्रभावित परिवारों में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है। यह पहल उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

शासकीय सेवा जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी
       कलेक्टर श्रीमती सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासकीय सेवा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और शासन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासकीय सेवा के माध्यम से नवनियुक्त कर्मचारी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य की नींव भी रखेंगे।

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