पटना
राज्य के विश्वविद्यालयों में 7 से अधिक नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम लागू होंगे, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देश पर आधारित होंगे
इससे संबंधित पाठ्यक्रमों को राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन के निर्देश पर विशेषज्ञों की कमेटी तैयार कर रही है।
जिन पाठ्यक्रमों का प्रारुप तय हो रहा है उनमें मिश्रित मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BMBA), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बैचलर ऑफ साइंस, बैचलर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA), डिजिटल साइंस एंड बिजनेस मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM),डेटा साइंस एंड बिजनेस स्टडीज और आइटी एंड मैनेजमेंट स्टडीज शामिल हैं।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों, अंगीभूत महाविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में एकसमान
व्यावसायिक पाठ्यक्रम को लागू कराने एवं शिक्षण शुल्क में समानता रखने का निर्देश दिया है।
योग्य शिक्षकों और पेशेवर व अनुभवी लोगों को शैक्षणिक कार्य से जोड़ने की भी तैयारी
साथ ही, सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए विश्वविद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना विकसित करने की प्राथमिकता देने को कहा गया है।
योग्य शिक्षकों और पेशेवर तथा अनुभवी लोगों को शैक्षणिक कार्य से जोड़ने की भी तैयारी करने को कहा गया है। राज्यपाल के निर्देश के आलोक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विशेषज्ञों की टीम की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रम को तैयार कराया जा रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण यह कि नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम को सभी अंगीभूत महाविद्यालयों में शुरू किए जाएंगे। महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना को और विकसित किए जाएंगे। नए पाठ्यक्रम को इंटनर्शिप से जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक विश्वविद्यालय में कोर्स कमेटी का गठन
राज्यपाल सचिवालय की ओर से कुलपतियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए कोर्स कमेटी गठित करने को कहा गया है।
इनमें पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, बीआर आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इनके अलावा मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय. तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, नालंदा खुला विश्वविद्यालय और आर्यभट् ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति शामिल हैं।

