शरजील इमाम-उमर खालिद को नहीं मिली राहत, दिल्ली कोर्ट ने बेल अर्जी की खारिज

Date:

 नई दिल्ली

दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचका खारिज कर दी हैष शनिवार को दोनों ओर से दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शाम को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट में उमर की ओर से अधिवक्ता त्रिदीप पेस और शरजील की ओर से अधिवक्ता मुस्तफा ने दलीलें पेश की थीं।

जमानत के लिए क्या दी गई दलील?
उमर खालिद और शरजील इमाम ने जमानत याचिकाओं में दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हुए बिना उन्हें लगातार हिरासत में रखना स्वतंत्रता के उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। उनकी याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसले के 6 महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद, मुकदमे की कार्यवाही में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और आरोपों पर बहस अभी भी अधूरी है। उन्होंने दलील दी कि वे इस मामले में लगभग 6 साल से जेल में हैं।

खालिद की याचिका में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही उनकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी थी लेकिन उसके बाद हुए न्यायिक घटनाक्रम से परिस्थितियों में बदलाव आया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई याचिका की थी दायर
उन्होंने मई में एक अन्य मामले में अदालत की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया था कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी जमानत नियम है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी को यूएपीए मामले में दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद ये नई याचिकाएं दायर की गई थीं।

उमर खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे कथित व्यापक साजिश का हिस्सा होने के आरोप में आतंकवाद-रोधी कानून यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

फोन डेटा ने खोला हत्या का राज, पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप

चंडीगढ़ पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस और इंदौर के...

जलालाबाद नगर परिषद चुनाव: मतदान जारी, 79 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला

फाजिल्का. जलालाबाद नगर परिषद चुनाव के लिए रविवार सुबह ठीक...

दुर्ग: समितियों में रखा खाद निकला घटिया, गुणवत्ता जांच में कई नमूने फेल

दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने...

MP के SIR मॉडल की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की तारीफ, ज्ञानेश कुमार बोले- सबसे पारदर्शी व्यवस्था

इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार...