7 राज्यों के पुलिस प्रमुखों ने साइबर अपराध, नार्को नेटवर्क, संगठित अपराध एवं सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा व्यवस्था पर बनाई संयुक्त रणनीति

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भोपाल

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में 13वीं पश्चिम क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक शुक्रवार को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई। सम्मेलन में मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा तथा केंद्र शासित प्रदेश दमन एवं दीव और दादरा एवं नगर हवेली के पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बदलते आपराधिक परिदृश्य, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम तथा राज्यों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श कर संयुक्त रणनीति तैयार की गई।

बैठक में आगामी सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन की सुरक्षा एवं प्रबंधन, गुमशुदा बालक-बालिकाओं की शीघ्र खोज, साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती, संगठित अपराध, पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा अवैध मादक पदार्थों एवं नार्को केमिकल नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अंतरराज्यीय अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्यों के बीच रीयल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने, निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा प्रत्येक राज्य में नोडल अधिकारी नियुक्त कर नियमित समीक्षा एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

सम्मेलन में विशेष रूप से नार्को केमिकल के अवैध निर्माण, परिवहन एवं उपयोग के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई पर बल दिया गया। निर्णय लिया गया कि संबंधित राज्य शीघ्र संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर एक साथ विशेष अभियान संचालित करेंगे, ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिस विभाग,उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल कराने के प्रयास करेगा, जिससे युवाओं में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

संगठित अपराध एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों के वांछित एवं इनामी अपराधियों का डाटाबेस साझा किया गया। साथ ही भविष्य में संयुक्त अभियान (Joint Exercise) चलाने एवं अपराधियों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।

 सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के पुलिस प्रतिनिधियों ने संगठित अपराध, महिला सुरक्षा, नारकोटिक्स नियंत्रण, साइबर अपराध तथा तकनीकी के माध्यम से अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी से संबंधित अपनी-अपनी सफल बेस्ट केस स्टडी प्रस्तुत कीं। भविष्य में ऐसे नवाचारों एवं सफल अनुभवों को नियमित रूप से साझा करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एवं संचालित नवाचारों ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-रक्षक, मेडलेपार (MedLEaPR), ई-समंस, नशा मुक्ति अभियान, सेफ क्लिक तथा ऑपरेशन मुस्कान की सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने सराहना की और इन्हें प्रभावी पुलिसिंग के उत्कृष्ट मॉडल बताया।

इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा विकसित विभिन्न राष्ट्रीय पोर्टलों एवं अपराध संबंधी डेटाबेस का अधिकतम उपयोग कर तकनीक आधारित पुलिसिंग को और मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

बैठक के समापन पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 14वीं पश्चिम क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक का आयोजन गोवा पुलिस द्वारा किया जाएगा।

इस सम्मेलन ने पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच सहयोग, सूचना साझाकरण एवं संयुक्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध करते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और साझा रणनीति के माध्यम से साइबर अपराध, संगठित अपराध, नार्को नेटवर्क तथा अन्य अंतरराज्यीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जाएगा।

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