पटना की भव्य कांवड़ यात्रा की तैयारी पूरी, 54 फीट लंबी कांवड़ के साथ 500+ श्रद्धालु 3 अगस्त को होंगे रवाना

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पटना 
ऐतिहासिक व पौराणिक शहर पटना सिटी में प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा के तरह-तरह के रंग देखने को मिलते हैं। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा में सुल्तानगंज से कलश में जल भरकर शिवभक्त देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जलाभिषेक करते हैं।

भक्ति गीतों के धुनों पर थिरकते कांवड़ ये मार्ग में आकर्षण के केंद्र बनते हैं। यात्रा के दौरान भगवान शिव की भक्ति में पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। सूरज ढलने के साथ रंग-बिरंगी झांकियों वाली कांवड़ जहां से गुजरता है, वहां देखनेवाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। कांवड़ की झांकियों को श्रद्धालु अपने अपने मोबाइल में कैद करते दिखते हैं।

एक सपने से हुई कांवड़ यात्रा की शुरुआत
श्री श्री विशाल शिवधारी कांवड़ संघ 54 फीट मारूफगंज के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार बताते हैं कि वर्ष 1994 से 31 डाकबम 24 घंटे में सुल्तानगंज से बाबाधाम जाते थे। वर्ष 2007 के सावन माह में रात में एक सपना देखा कि उन्होंने 54 फीट के कांवड़ के साथ पटना सिटी के दर्जनों शिवभक्तों को लेकर बाबाधाम में जलाभिषेक किए हैं।

उन्होंने जब यह बात मोहल्ले के मित्रों से बताई। सुनकर दर्जनों मित्रों ने साथ जाने की जिद किए। तब 2008 व 2009 में डाकबम के तौर पर 100 लोग गए। धीरे-धीरे शिवभक्तों की टोली जुटती गई और अबतक 500 से अधिक शिवभक्त 54 फीट के कांवड़ के साथ बाबाधाम जा रहे हैं।

3 अगस्त को परंपरा के अनुसार होगी यात्रा
विनोद बताते हैं कि इस वर्ष भी तीन अगस्त को किला रोड देवी स्थान से 54 फीट कांवड़ के साथ 500 से अधिक शिवभक्त बाबाधाम के लिए निकलेंगे। 54 फीट के कांवड़ निर्माण में लगभग पांच से सात लाख खर्च आता है।

यह यात्रा मारूफगंज, अशोक राजपथ में हजीगंज, चौक, मच्छरहट्टा, पश्चिम दरवाजा, शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी होते शीतला माता मंदिर पहुंचेगा। उसके अगले दिन यानि चार अगस्त को सुल्तानगंज के लिए कांवड़ यात्रा रवाना होगी।

पांच अगस्त को सुल्तानगंज में जल उठेगा और सात अगस्त को 9:30 बजे दिन में 54 फीट कांवड़ यात्रा में शामिल लोग बाबाधाम में जलाभिषेक करेंगे। इस बार कांवड़ यात्रा में जागरण मंडली, हाथी, घोड़ा, ऊंट, डीजे, आर्केस्ट्रा रहेगा। सुल्तानगंज से देवघर के बीच संस्था का भंडारा चलता है।

बिहार की पहचान बना अनोखा कांवड़
समिति में संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव संजय साव, अध्यक्ष निरंजन प्रियदर्शी, कोषाध्यक्ष संजय सरकार, अर्जुन यादव, मंटू जायसवाल, भूषण जायसवाल, मिथिलेश कुमार, मुकेश कुमार व अन्य हैं। रास्ते भर लोग रुककर हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि जब यह विशाल कांवड़ पटना सिटी की मोहल्लों से गुजरती हैं, तो पूरा शहर बोलबम से गूंज उठता है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सब दर्शन के लिए सड़क पर आ जाते हैं।

विनोद कुमार का कहना है कि 16 वर्ष में हजारों लोगों की मन्नत पूरी हुई है। पटना सिटी की 54 फीट की कांवड़ अब सिर्फ यात्रा नहीं रहीं, ये एक पहचान बन गई हैं।

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