मोहाली.
मोहाली में नीड बेस्ड पॉलिसी को लेकर गमाडा के मुख्य कार्यालय, कानूनी शाखा, प्लानिंग विंग और इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है। समिति की सिफारिश के बाद सक्षम स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह जवाब पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने विधानसभा में विधायक कुलवंत सिंह के सवाल पर दिया।
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधीन एसएएस नगर (मोहाली) के फेज-1 से 11 और सेक्टर-66 से 73 में आवंटित कमर्शियल बूथों पर पहली मंजिल के निर्माण की अनुमति देने संबंधी फिलहाल कोई नीति सरकार के विचाराधीन नहीं है। हालांकि, बूथों के भीतर केवल स्टोरेज के उद्देश्य से मेजेनाइन फ्लोर बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन मौजूदा बूथों पर अतिरिक्त मंजिल बनाने का कोई प्रविधान प्रस्तावित नहीं किया गया है। मंत्री ने बताया कि पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग रूल्स-2021 के अनुसार स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थित इन बूथों के लिए केवल एक मंजिला (सिंगल स्टोरी) निर्माण की अनुमति है।
सरकार ने यह भी बताया कि बिल्डिंग रूल्स-2021 के नियम-4 के उपनियम (1) के नोट (एच) में संशोधन का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके तहत बूथों, दुकानों और एससीओ की फ्लोर-टू-फ्लोर ऊंचाई बढ़ाने तथा भवन के अंदर केवल सामान रखने (स्टोरेज) के लिए मेजेनाइन फ्लोर बनाने की अनुमति देने का प्रविधान प्रस्तावित है। हालांकि, इस प्रस्ताव में मौजूदा बूथों के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति शामिल नहीं है। वहीं, गमाडा द्वारा निर्मित आवासों में आवंटियों की ओर से की गई अतिरिक्त निर्माण गतिविधियों को नियमित (रेगुलराइज) करने अथवा नीड बेस्ड चेंजेज को अनुमति देने संबंधी नीति पर सरकार ने कहा कि मामला अभी गमाडा के विचाराधीन है।

