बारिश ने बदली बीसलपुर बांध की तस्वीर, जलभराव 28.288 टीएमसी पहुंचा

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केकड़ी (अजमेर)
 बीसलपुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश ने अगस्त में बांध की तस्वीर बदल दी है। लगातार हो रही पानी की आवक से बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 6 बजे बांध का गेज 314.00 मीटर पहुंच गया और जलभराव 28.288 टीएमसी दर्ज किया गया। पिछले करीब 60 घंटे में बांध के जलस्तर में 44 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, त्रिवेणी का गेज सुबह 2.80 मीटर दर्ज किया गया है।

बता दें कि 12 अगस्त सुबह 6 बजे बीसलपुर बांध में जलभराव 25.320 टीएमसी था। इसके बाद जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक तेज हुई और 14 अगस्त शाम 4 बजे तक जलभराव बढ़कर 28.012 टीएमसी पहुंच गया। शनिवार 12 सुबह तक इसमें और 0.276 टीएमसी की बढ़ोतरी हुई। इस तरह 1 अगस्त 2.968 टीएमसी पानी की आवक हुई है।

24 घंटे में 1.292 टीएमसी पानी आया
बीसलपुर में पानी आने की रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 13 अगस्त सुबह से 14 अगस्त सुबह के बीच ही बांध में 1.292 टीएमसी पानी बढ़ा। 13 अगस्त सुबह जलभराव 26.582 टीएमसी था, जो शाम 4 बजे 27.045, रात 10 बजे 27.460 और 14 अगस्त सुबह 27.874 टीएमसी पहुंच गया। इसके बाद 14 अगस्त शाम 4 बजे यह 28.012 टीएमसी और शनिवार सुबह 28.288 टीएमसी दर्ज किया गया।

22 दिन में 2.69 टीएमसी बढ़ा पानी
21 जुलाई को बांध का गेज 313.61 मीटर और जलभराव 25.596 टीएमसी था। शनिवार सुबह गेज 314.00 मीटर और जलभराव 28.288 टीएमसी पहुंच गया। यानी 22 दिन में जलस्तर 39 सेंटीमीटर और जलभराव करीब 2.692 टीएमसी बढ़ा है।

त्रिवेणी का बहाव अब भी बना हुआ
बांध की आवक के लिहाज से त्रिवेणी का बहाव अहम माना जा रहा है। 12 अगस्त सुबह त्रिवेणी का गेज 5.10 मीटर था। पानी उतरने के बाद शनिवार सुबह यह 2.80 मीटर रहा। त्रिवेणी में बहाव बना रहने से जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि बांध में वास्तविक आवक बारिश और सहायक नदियों के बहाव पर निर्भर करेगी।

501 एमएम बारिश दर्ज
बीसलपुर बांध क्षेत्र में अब तक 501 एमएम कुल बारिश दर्ज की जा चुकी है। शनिवार सुबह बांध क्षेत्र में बारिश शून्य रही, लेकिन जलग्रहण क्षेत्र से पहुंच रहे पानी के कारण बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

अजमेर-जयपुर-टोंक के लिए राहत
बीसलपुर बांध अजमेर, जयपुर और टोंक सहित कई क्षेत्रों की पेयजल जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। अगस्त में हुई पानी की इस आवक से इन क्षेत्रों के लिए जलसंकट की चिंता कुछ कम हुई है। यदि जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का दौर आगे भी बना रहता है और त्रिवेणी सहित सहायक नदियों में बहाव जारी रहता है तो बांध का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। हालांकि अभी बांध पूर्ण भराव स्तर से नीचे है, इसलिए आगामी दिनों की बारिश पर जलस्तर की दिशा तय होगी।

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