सीमा से मोर्चे तक जवान पहुंचाने में राजस्थान रेलवे ने निभाई अहम भूमिका

Date:

 जयपुर
कारगिल युद्ध के दौरान देश की नजरें बर्फ से ढकी चोटियों पर डटी भारतीय सेना पर थीं, लेकिन हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी राजस्थान की रेल पटरियां भी जीत की अहम कड़ी बनी हुई थीं। कारण था कि राजस्थान के सीमावर्ती रेलवे स्टेशन भारतीय सेना की लॉजिस्टिक लाइफलाइन बन गए थे। यहां से गुजरने वाली हर सैन्य ट्रेन सिर्फ डिब्बों का काफिला नहीं थी। बल्कि जवानों, टैंकों, तोपों, गोला-बारूद, ईंधन और देश की उम्मीदों को मोर्चे तक पहुंचाने का जरिया थी।

दरअसल, साल 1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध शुरू होते ही रेलवे ने अपने परिचालन को युद्धकालीन जरूरतों के अनुरूप ढाल दिया। जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर स्थित सैन्य ठिकानों से लगातार विशेष सैन्य ट्रेनें जम्मू और पठानकोट की ओर रवाना होती रहीं। रेलवे यार्डों में सामान्य माल की जगह टैंक, तोपें, सैन्य वाहन और गोला-बारूद से भरी सैन्य रेक नजर आने लगीं। स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, गार्ड, कंट्रोलर और ट्रैकमैन सहित हर रेलकर्मी उस दौर में युद्ध का मौन सिपाही बन गया था।

इधर, युद्ध में 17 रेलकर्मियों ने दी थी शहादत
साल 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गडरारोड के पास सेना की रसद लेकर जा रही ट्रेन पर पाकिस्तानी सेना ने हमला कर दिया था। युद्ध में रेलवे के 17 रेल कर्मचारियों ने देश सेवा में अपने प्राणों का बलिदान दिया।

ये स्टेशन बने थे केंद्र: रेलवे ट्रैक से बंधी थी उम्मीदें
रेलवे स्टेशन     अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूरी
मुनाबाव            लगभग 2 किमी
गडरा रोड           लगभग 8 किमी
श्रीगंगानग र      लगभग 25 किमी
अनूपगढ़            लगभग 30 किमी
बाड़मेर              लगभग 100 किमी
जैसलमेर           लगभग 110 किमी

हाई अलर्ट पर था पूरा रेल नेटवर्क
पश्चिमी सीमा पर बढ़े तनाव के बीच राजस्थान का रेल नेटवर्क भी हाई अलर्ट पर रहा। संवेदनशील रेल पुलों, यार्डों और स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई गई। जोधपुर-जैसलमेर, जोधपुर-बाड़मेर-मुनाबाव और बीकानेर-सूरतगढ़-अनूपगढ़ जैसे रणनीतिक रेल मार्गों पर सेना की जरूरतों के अनुरूप निर्बाध परिचालन जारी रखा गया। सैन्य ट्रैफिक की लगातार निगरानी की गई।
-अमित सुदर्शन, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

हिमाचल के पांगी-उदयपुर मार्ग पर बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से 13 की जान गई

शिमला हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के पांगी-उदयपुर मार्ग पर...