50 लाख से अधिक बच्चों की हो रही रियल टाइम मॉनीटरिंग

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भोपाल 

महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'जन विश्वास अभियान' के तहत प्रदेश ने पोषण सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक—'पोषण ट्रैकर ऐप' और बायोमेट्रिक आधारित 'फेस रिकॅग्निशन सिस्टम' (FRS)—के पारदर्शी क्रियान्वयन से राज्य के मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संकेतकों में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 50.36 लाख से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, लाभार्थियों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए लागू बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीक के जरिए गर्भवती महिलाओं के सत्यापन में राज्य ने 99.99% की ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

तकनीक और पारदर्शिता से अंतिम छोर तक पहुँच रहा योजनाओं का लाभ

मंत्री  भूरिया ने इस सफलता को सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि 'पोषण ट्रैकर' केवल एक डिजिटल एप्लीकेशन नहीं, बल्कि पोषण सेवाओं में पारदर्शिता, सटीकता और त्वरित जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। एफआरएस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि पूरक पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएँ बिना किसी रूकावट के सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर पहुँचें। आंगनवाड़ी केंद्रों पर दैनिक सेवाओं—जैसे पूरक पोषण आहार वितरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, गृह भेंट और सामुदायिक गतिविधियों—की मॉनिटरिंग पारदर्शी रूप से की जा रही है। ऐप से प्राप्त रियल-टाइम डेटा के आधार पर अति कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की तत्काल पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) और विशेष स्वास्थ्य देखभाल से जोड़ा जा रहा है।

प्रमुख श्रेणियों में बायोमेट्रिक सत्यापन का उत्कृष्ट प्रदर्शन

राज्य में बायोमेट्रिक आधार फेस मैचिंग में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। गर्भवती महिलाओं की श्रेणी में पंजीकृत 4,54,951 महिलाओं में से 99.99% का बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है, जिसमें अनूपपुर, बालाघाट, भोपाल, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया और देवास सहित 25 से अधिक जिलों ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। इसी प्रकार धात्री माताओं के वर्ग में पंजीकृत 3,44,160 माताओं में से 99.87% (3,43,729 माताओं) का सत्यापन पूर्ण हुआ है, जिसमें अनूपपुर, बुरहानपुर, सिवनी और उमरिया जिले अग्रणी रहे हैं। इसके अतिरिक्त 6 माह से 3 वर्ष के 25,38,587 पंजीकृत बच्चों में से 94.69% (24,03,712 बच्चे) का सफल बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा चुका है, जिसमें सिवनी और नीमच शीर्ष स्थान पर हैं। मंत्री  भूरिया ने उच्च कुपोषण दर वाले क्षेत्रों में विशेष समीक्षा बैठकें आयोजित कर सघन अभियान चलाने और मैदानी अमले को शत-प्रतिशत गृह भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

 

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