श्रावण में महाकाल के दरबार में रिकॉर्ड भीड़, 1.10 लाख भक्तों ने किए दर्शन; प्रदेशभर में निकली कांवड़ यात्राएं

Date:

उज्जैन 

सावन के पहले सोमवार पर मध्यप्रदेश शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, भोजपुर के भोजेश्वर महादेव, खजुराहो के मतंगेश्वर, मंदसौर के पशुपतिनाथ, कुंडेश्वर, बांदकपुर जागेश्वर धाम, ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव, भोपाल, रायसेन, में रही भक्तो की भरी भीड़। कई मंदिरों में रात 12 बजे और कहीं सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू हुए। लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चन कर रहे हैं। महाकाल मंदिर में अब तक 1.10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

महाकाल की भस्म आरती बदले हुए समय पर हुई। जलाभिषेक के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भांग, चंदन, ड्राय फ्रूट और आभूषणों से बाबा महाकाल का राजाधिराज स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया।

भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय का पूजन कर महाकाल को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया और नैवेद्य (भोग) अर्पित किया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।

भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इस दौरान पूरा मंदिर भगवान महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।

दूसरी ओर बाबा ओंकारेश्वर-ममलेश्वर की की सवारी भी आज दोपहर को निकलेगी। महाकाल मंदिर में सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन कर घंटी बजाई गई और भगवान से आज्ञा लेने के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए।

देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचकर ले रहे जूना महाकाल का आशीर्वाद 

सावन महीने में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। हर भक्त की एक ही इच्छा होती है कि वह बाबा महाकाल को स्पर्श कर अपने हाथों से जल और पंचामृत अर्पित करे। लेकिन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था सीमित होने के कारण अधिकांश श्रद्धालु ऐसा नहीं कर पाते। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए महाकाल मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन जूना महाकाल मंदिर आस्था का विशेष केंद्र है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

लव कुश रामलीला में एआई तकनीक, मीनाक्षी मंदिर थीम और भव्य मंच आकर्षण

नई दिल्ली लाल किला मैदान में 11 अक्टूबर से होने...

एचईसी बोर्ड करेगा फैसला, बंद ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी

रांची  झारखंड के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का एक...

ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा, हरियाणा के 996 गांवों में खुलीं अटल लाइब्रेरी सफलतापूर्वक

 सिरसा हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पठन-पाठन और डिजिटल...

24 साल में पहली बार Commonwealth Games में भारत का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन, जानें क्या रहा कारण

नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो चुका है....