जल जीवन मिशन की समीक्षा, समय पर योजनाएं पूरी करने के निर्देश

Date:

जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं।  उन्होंने सुजलम भारत आईडी सृजन, हर घर जल रिपोर्टिंग एवं प्रमाणीकरण, जल सेवा आंकलन तथा भौतिक रूप से पूर्ण योजनाओं के वित्तीय समापन में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नई दिल्ली में 10 जुलाई को राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के साथ हुई समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य एपेक्स कमेटी के माध्यम से सभी लंबित प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में भारत सरकार को भेजे जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि मिशन अवधि के भीतर सभी परियोजनाएं पूर्ण करने की कार्ययोजना पर प्रभावी अमल किया जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 1,00,145 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत हैं। राज्य के 107.74 लाख ग्रामीण परिवारों में से वर्ष 2019 में जहां केवल 11 प्रतिशत परिवारों के पास नल कनेक्शन थे। वहीं अब यह संख्या बढ़कर 63.61 लाख (59 प्रतिशत) हो गई है। मिशन के तहत 51.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। साथ ही 12,095 गांव हर घर जल घोषित तथा 6,138 गांवों का हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है।
समीक्षा के दौरान जल अर्पण कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी लगभग 2500 पेयजल योजनाओं का जल अर्पण कार्यक्रम के माध्यम से समारोहपूर्वक ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदाय को हस्तांतरण किया जाएगा ।
 
 उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जनभागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर जल स्रोतों एवं जल संरचनाओं का स्वामित्व ग्राम पंचायतों को सौंपा जाएगा। उन्होंने जल अर्पण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।
 
मुख्य सचिव ने भौतिक रूप से पूर्ण योजनाओं के शीघ्र वित्तीय समापन के निर्देश देते हुए कहा कि अभियंता स्तर पर सभी माप पुस्तिकाएं, एज-बिल्ट ड्रॉइंग, अंतिम बिल एवं भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर योजनाओं को आईएमआईएस पर क्लोज किया जाए।

बैठक में केंद्रांश प्रतिपूर्ति , लिगेसी प्रकरणों के निस्तारण तथा उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने लंबित प्रतिपूर्ति दावों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करते हुए उपलब्ध निधियों का समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख उपयोग करने के निर्देश दिए।

 अंतर्विभागीय समन्वय की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण में पंचायती राज विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नल जल मित्रों एवं आरपीएल कार्मिकों के नामांकन, उनके प्रशिक्षण तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सशक्त बनाने की कार्यवाही में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही संशोधित ओ एंड एम नीति पर पंचायती राज विभाग एवं वित्त विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की नियमित बैठकें आयोजित कर योजनाओं की सतत समीक्षा की जाए तथा हर घर जल प्रमाणीकरण, सुजलम भारत आईडी एवं जल अर्पण कार्यक्रम की प्रगति की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग जिला कलक्टरों द्वारा की जाए।
 
इस अवसर पर जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पदेन शासन सचिव श्री राजन विशाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं नई दिल्ली से रेजिडेंट कमिश्नर श्री रोहित कुमार वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

लंबे इंतजार के बाद 38 सरकारी डॉक्टरों को मिली वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पदोन्नति

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के 38 चिकित्सा अधिकारियों को...

शादी और आयोजनों में अब लाइसेंसधारी हलवाई, कैटरर ही भोजन परोस सकेंगे केवल

हनुमानगढ़  शादी-ब्याह की दावत हो या धार्मिक और सामाजिक आयोजन,...

धनिए के डंठल से बनाएं स्वादिष्ट चटनी, मिनटों में बढ़ाएं खाने का स्वाद

ज्यादातर लोग खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए उसके...

अदनान शेख के विवादित बयान पर भड़कीं उर्फी जावेद, जमकर लगाई फटकार

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फी जावेद ने महिलाओं के खिलाफ...