शुक्र प्रदोष व्रत आज, भगवान शिव की पूजा से दूर होते हैं कष्ट

Date:

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का बेहद खास दिन माना जाता है. जब यह व्रत शुक्रवार को पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर व्यक्ति की मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं और जीवन के कई कष्ट दूर होने लगते हैं. प्रदोष व्रत हर महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ समय शाम का होता है, यानी सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद तक.

शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
इस व्रत को करने से व्यक्ति को रोग, तनाव, झगड़े और दुखों से राहत मिलती है. खासतौर पर दांपत्य जीवन की समस्याएं, आंखों से जुड़ी परेशानी और कुछ अन्य शारीरिक कष्ट भी कम हो सकते हैं. कई लोग इसे स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए विशेष फलदायी मानते हैं.

पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे हल्के रंग के कपड़े पहनें, जैसे सफेद या गुलाबी. इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और अपनी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करें. दिनभर जितना हो सके 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का मन ही मन जाप करें और व्रत रखें. पानी का सेवन करते रहें. शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें. इसके बाद साफ जल से स्नान कराकर रोली, चावल, धूप और दीप से पूजा करें. भोग में खीर और फल अर्पित करें. इसके बाद बैठकर 108 बार ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव पंचाक्षरी स्तोत्र का 5 बार पाठ करें. अंत में भगवान शिव से अपने कष्ट दूर करने की प्रार्थना करें.

जरूरी नियम और सावधानियां
– पूजा से पहले घर और मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें
– काले या बहुत गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें
– मन में किसी भी तरह के गलत विचार न आने दें
– बड़ों, गुरु और पिता का सम्मान करें
– घर आई महिलाओं को मिठाई और पानी जरूर दें
– पूरे दिन खुद को भगवान शिव के प्रति समर्पित रखें

दांपत्य सुख और स्वास्थ्य के उपाय
अगर पति-पत्नी के बीच मनमुटाव है, तो शुक्र प्रदोष के दिन 11 लाल गुलाब के फूल गुलाबी धागे में पिरोकर दोनों मिलकर शिवजी को अर्पित करें और "ऊं नमः शिवाय" 27 बार बोलें. इससे रिश्तों में मधुरता बढ़ती है. वहीं, जिन लोगों को आंखों या चेहरे से जुड़ी समस्या है, वे सफेद चंदन में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर लगाएं. इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. इस तरह श्रद्धा और नियम से किया गया शुक्र प्रदोष व्रत जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

‘झारखंड को संसाधन नहीं, विकास का साझेदार मानें’, नीति आयोग बैठक में बोले हेमंत सोरेन

 रांची  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग...

कैटरिंग व्यवसाय को मिलेगा नया मंच, छत्तीसगढ़ कैटरर्स एसोसिएशन बना, डेडलाइन भी तय

रायपुर. राज्य के हॉस्पिटैलिटी और कैटरिंग व्यवसाय को सुव्यवस्थित करने...

ऑयली बालों से परेशान हैं? जानें कारण और आसान घरेलू उपाय

कुछ लोगों को ड्राई हेयर की समस्या होती है...

सफाईकर्मियों की शिकायत पर मंत्री हरजोत बैंस हैरान, बोले- कर्मचारी पक्के हैं तो वेतन रुका कैसे?

चंडीगढ़  क्लीन पंजाब मिशन का जायजा लेने स्थानीय निकाय मंत्री...