सिंहस्थ की तैयारियां तेज, उज्जैन में 50 किमी सड़कें और पानी-सीवरेज नेटवर्क बनेगा

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 उज्जैन
 उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 50 किमी लंबी सीमेंट की सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) 600 करोड़ रुपये की लागत से इनका निर्माण करवा रहा है। इसके लिए दो कंपनियों को ठेका दिया गया है। सड़कें बनाने की समय सीमा जुलाई 2027 तय की गई है।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में यह सड़कें करीब 24 मीटर चौड़ी रहेंगी। मेला क्षेत्र में कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां अभी फसल लगी हुई है। ऐसे में इन इलाकों में अभी सड़क बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 20 किसानों को 9 करोड़ रुपये का मुआवजा देकर जमीन की रजिस्ट्री भी करवाई गई है।

वहीं अन्य किसानों से भी जमीन को लेकर बात जारी है। जिन जमीनों पर फसल लगी है उसकी कटाई खत्म होने के बाद वहां सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।

सड़क के साथ पेयजल और सीवरेज की भी होगी व्यवस्था
उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र में सड़कों के साथ पेयजल और सीवरेज की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं सिंहस्थ क्षेत्र में किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए यूडीए करीब 450 करोड़ रुपये खर्च करेगा। सिंहस्थ क्षेत्र में सीवरेज निर्माण को लेकर पहले विरोध भी हुआ था।

खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाने होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस काम पर लगभग 9.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

सोमवार से सड़क की सीमा तय करने के लिए नपती और मार्किंग का काम शुरू कर दिया गया है।

इस सड़क चौड़ीकरण से कुल 272 भवन प्रभावित होंगे। नगर निगम की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर सड़क की नपती की और तय सीमा के हिसाब से भवनों को चिन्हित करना शुरू किया। मार्किंग के जरिए यह तय किया जा रहा है कि सड़क चौड़ीकरण में कौन से भवन आएंगे।

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता और निगम की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने सड़क की सीमा के हिसाब से नपती की और प्रभावित होने वाले भवनों से जुड़ी जरूरी जानकारी भी जुटाई।

नगर निगम के मुताबिक, खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक का रास्ता शहर के मुख्य और व्यस्त रास्तों में से एक है। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे यातायात का दबाव भी बढ़ेगा।

इसी को देखते हुए इस रास्ते को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। नपती और सर्वे का काम पूरा होने के बाद नियमों के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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