नारनौल के अस्पताल में बढ़ीं विशेषज्ञ सेवाएं, 5 डॉक्टर संभालेंगे हर्निया, हड्डी, महिला और बाल रोग का इलाज

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कनीना/नारनौल.

कनीना उप नागरिक अस्पताल अब मात्र एक रेफरल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से अस्पताल में पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो चुकी है।

जल्द ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद कनीना प्रदेश का पहला ऐसा उप नागरिक अस्पताल बन जाएगा, जहां नागरिक अस्पताल स्तर की अधिकांश स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस पहल से कनीना, अटेली तथा आसपास के दर्जनों गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को सामान्य ऑपरेशन, विशेषज्ञ उपचार और जांचों के लिए रेवाड़ी, नारनौल या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे मरीजों का समय और धन दोनों बचेगा।

पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों से अस्पताल हुआ मजबूत
अस्पताल में पहले से ही सर्जन डॉ. हेमंत नागर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत सेवाएं दे रहे थे। अब बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर और फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक ने भी कार्यभार संभाल लिया है। अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

  • सर्जन डॉ. हेमंत नागर: अपेंडिक्स, हर्निया, हाइड्रोसील, पित्त की थैली की पथरी, बवासीर, फिशर, फिस्टुला सहित विभिन्न सामान्य शल्य चिकित्सा के ऑपरेशन करेंगे।
  • हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र: फ्रैक्चर, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल एवं अन्य आर्थोपेडिक समस्याओं का उपचार करेंगे।
  • स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कोमल गहलोत: महिलाओं के रोगों, सुरक्षित प्रसव, परिवार नियोजन और स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशनों की सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
  • बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर: नवजात एवं बच्चों की विभिन्न बीमारियों का इलाज करेंगे।
  • फेमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. साक्षी मलिक: मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड, अस्थमा, वायरल संक्रमण, डेंगू, टाइफाइड सहित सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों का उपचार करेंगी।

जल्द शुरू होंगी आधुनिक जांच सुविधाएं
"अस्पताल में शीघ्र ही अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा और समय पर सटीक जांच एवं उपचार संभव हो सकेगा।"
-आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।

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