गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए हर जिले में खुलेंगे अत्याधुनिक मातृ-शिशु अस्पताल

Date:

 रांची
 स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में अत्याधुनिक मदर एंड चाइल्ड हास्पिटल (मातृ एवं शिशु अस्पताल) विकसित किए जाएंगे।

इन अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा महिलाओं को अपने ही जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर बीएनआर होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ये बातें कहीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर अंतरा पोस्टर, इम्प्लांट और पीपीएफ पोस्टर का अनावरण किया। साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सहिया, एएनएम आदि को सम्मानित किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बदलते समय में जनसंख्या को केवल संख्या या बोझ के रूप में नहीं, बल्कि राज्य और देश की सबसे बड़ी पूंजी एवं जनशक्ति के रूप में देखने की आवश्यकता है। झारखंड की पहचान जनसंख्या से नहीं, बल्कि जनशक्ति से हो।

यदि प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो यही जनसंख्या विकसित झारखंड और विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वस्थ एवं छोटे परिवार की अवधारणा को अपनाएं, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा समाज में स्वास्थ्य और जनसंख्या संबंधी जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि बीमारियों से होनेवाली मौतों पर
हमने काबू पाया है। इस कारण भी आबादी में सुधार हुआ है।

रांची के सिविल सर्जन डा. प्रभात कुमार ने कम उम्र में होनेवाले विवाह को नियंत्रित
करने पर जोर दिया।

इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के गुणवत्ता कोषांग के नोडल पदाधिकारी डा. रंजीत, परिवार नियोजन कोषांग की नोडल पदाधिकारी डा. पुष्पा आदि भी उपस्थित थे ।

प्रसव के लिए हर जिला में 100 बेड के विशेष सेंटर
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर कम करने तथा बच्चों के पोषण पर और भी काम किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि अभी सदर अस्पतालों में प्रसव में सी सेक्शन (आपरेशन से प्रसव) के मामले ज़्यादा आते हैं। सरकार का लक्ष्य सी सेक्शन को सदर अस्पताल से नीचे लाना है, जिसके लिए हर जिला में एक स्पेशल सेंटर खोला जाएगा, जहां सी सेक्शन प्रसव होगा।

सी सेक्शन के लिए 100 बेड का सेंटर हर अस्पताल में होगा। सब सेंटर और सीएचसी में भी दो वर्षों में सी सेक्शन आपरेशन करने का लक्ष्य है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Aaj Ka Rashifal 14 July 2026: किस राशि के लिए शुभ रहेगा मंगलवार, किसे बरतनी होगी सावधानी?

मेष आज के दिन धन का प्रबंधन सोच-समझकर करें। प्यार...

राजनाथ-गडकरी-योगी ने खोला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, तेज होगी कनेक्टिविटी

लखनऊ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और केद्रीय सड़क...

यूके में गर्मी का कहर: 2 महीनों में 2700 लोगों की मौत, हीटवेव ने तोड़े रिकॉर्ड, बढ़ा खतरा

लंदन  एक समय था जब यूरोप, खासकर ब्रिटेन और उत्तरी...

Lawrence Bishnoi Case: FBI एक्शन की अटकलें तेज, अमेरिका प्रत्यर्पण की चर्चा, फरार इंस्पेक्टरों पर भी शिकंजा?

चंडीगढ़ अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह खालिस्तान समर्थक...