निर्माण कार्य में लापरवाही और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी, दिये पेनल्टी लगाने के निर्देश विभाग ने लगाई 20 लाख की पेनल्टी

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भोपाल 

लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने मंगलवार को विधायक  रामेश्वर शर्मा के साथ बैरागढ़ में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे निर्माणाधीन मार्ग का भ्रमण कर कार्य की भौतिक प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, सर्विस रोड, तथा नागरिकों के आवागमन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मंत्री  सिंह ने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति और कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना विभाग तथा निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री  सिंह ने सभी कमियों और अव्यवस्थाओं को 3 दिवस में दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य में बरती गई लापरवाही और विलंब के लिए अनुबंध की शर्तों के अनुसार पेनाल्टी लगाने को कहा। साथ ही बंद अथवा अव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटों को चालू करने और निर्माण स्थल पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री  सिंह ने सर्विस रोड की खराब स्थिति को देखकर इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य ब्रिज का निर्माण पूरा होने तक सर्विस रोड ही नागरिकों के आवागमन का प्रमुख माध्यम है, इसलिए इसे सुरक्षित और सुगम बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री  सिंह ने सिविल अस्पताल के आसपास की अव्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने तथा मरीजों, एम्बुलेंस और आम नागरिकों के निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री  सिंह ने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्रिज का संपूर्ण निर्माण कार्य मार्च 2027 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। समय-सीमा में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्य की माइक्रो प्लानिंग करने की भी निर्देश दिए, जिसमें पर्ट चार्ट के आधार पर एक्टिविटी प्लान बनाने और इसके आधार पर साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता निर्माण कार्य की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करेंगे। कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन प्रत्येक 15 दिवस में मंत्री को प्रस्तुत किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि संत हिरदाराम नगर का यह मुख्य मार्ग अत्यधिक यातायात घनत्व वाला क्षेत्र है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही से गंभीर दुर्घटना की संभावना हो सकती है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मंत्री  सिंह ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात को निर्बाध बनाए रखने के लिए केवल उसी स्थान पर सेफ्टी बैरियर लगाए जाएं, जहां वास्तविक रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे स्थानों पर जहाँ निर्माण कार्य नहीं हो रहे है, वहां से अनावश्यक बैरियर तत्काल हटाए जाएं, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने निर्माण स्थल से मलबा एवं अन्य अपशिष्ट निर्माण सामग्री तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए।

मंत्री  सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य के कारण स्थानीय व्यापारियों एवं रहवासियों को होने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए तथा उनके आवागमन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो। ठेकेदार को निर्देशित किया गया कि यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए निर्बाध आवागमन के लिए अपने स्तर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

मंत्री  सिंह ने ब्रिज पर वर्षा जल संचयन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

मंत्री  सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ‘लोक निर्माण से लोक-कल्याण’ के ध्येय के साथ कार्य कर रहा है। विभाग की कार्य पद्धति में बड़ा बदलाव आया है। अब प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता, जवाबदेही और जन-सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मंत्री  सिंह ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो और उसका लाभ नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक रूप से मिले।

 

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