सुखजिंदर रंधावा ने वड़िंग को दिया करारा जवाब, कहा- ‘वही घर है, वही रंधावा’

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चंडीगढ़.

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच ‘स्लीपर सेल’ और ‘कंप्रोमाइज्ड लीडर’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। रंधावा के बयान पर वड़िंग ने कहा था कि वह उनसे मिलकर पूछेंगे कि उन्होंने किन नेताओं के बारे में यह बात कही है।

इसके बाद शनिवार देर शाम रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वड़िंग को जवाब दिया। रंधावा ने लिखा, “वही घर है, वही रंधावा, जदों भी तुसी आओगे तुहाडा… मोस्ट वेलकम।” रंधावा की इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा रही।

वड़िंग ने रंधावा से मांगी थी स्पष्ट जानकारी
इससे पहले वड़िंग ने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों में स्लीपर सेल हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग राजनीतिक विरोधियों से ज्यादा नुकसान पार्टी को पहुंचाते हैं। हालांकि, उन्होंने रंधावा से इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मांगी थी। बाबा बकाला के राखड़ पुन्नया सम्मेलन में वड़िंग की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। यहां चन्नी खेमे के नेताओं की प्रमुख मौजूदगी रही थी। सम्मेलन में रंधावा, राणा गुरजीत सिंह और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत कई नेता शामिल हुए। ऐसे में ताजा बयानबाजी ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को और हवा दे दी है।

“स्लीपर सेल” और “समझौता करने वाले नेताओं” के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कांग्रेस के भीतर “स्लीपर सेल” और “समझौता करने वाले नेताओं” के संदर्भ में वरिष्ठ पार्टी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से स्पष्टीकरण मांगा है। वड़िंग ने कहा कि वह रंधावा से मिलकर उनसे पूछेंगे कि वह किन लोगों की ओर इशारा कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने रंधावा की इस बात से सहमति जताई कि सभी राजनीतिक दलों में “स्लीपर सेल” होते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए, क्योंकि वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों की तुलना में पार्टी को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। रंधावा का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि रंधावा हमारे बहुत वरिष्ठ नेता हैं। वह पंजाब के गृह मंत्री भी रह चुके हैं। जब भी हम मंच साझा करते थे, उन्होंने कई बार समझौते और ‘स्लीपर सेल’ की बात की थी। आपने उन्हें कई रैलियों में ऐसा कहते सुना होगा।” उन्होंने कहा कि बिट्टू देश के गृह मंत्री अमित शाह से मिलते थे। वह उनसे मिलते थे और फिर चले गए। बाबा बकाला में पार्टी के राखड़ पुन्नया सम्मेलन में अपनी अनुपस्थिति को लेकर वड़िंग ने कहा कि हर कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ नेताओं का मौजूद रहना जरूरी नहीं है।

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