ट्रायल्स से बाहर होने के बावजूद WFI की जिद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, विनेश फोगाट केस में अहम टिप्पणी

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सोनीपत 

सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लेने के खिलाफ कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई गुरुवार (4 जून, 2026) को बंद कर दी है. कोर्ट को बताया गया कि विनेश ट्रायल्स में हिस्सा ले चुकी हैं और हारकर बाहर भी हो चुकी हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे सुनवाई को गैरजरूरी बताया। 

कुश्ती संघ (WFI) ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें विनेश को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े कानूनी सवाल खुले हैं. हाईकोर्ट चाहे तो उन पर विचार कर सकता है। 

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार कुश्ती संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. कुश्ती संघ की तरफ से सीनियर एडवोकेट डीएन गोवर्धन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि पैरा नंबर 31 से आगे का हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें तो यहां तक कह दिया गया है कि डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय है. हालांकि, कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती संघ से कहा है कि हाईकोर्ट की इन टिप्पणियों का सिंगल बेंच के पास लंबित मामले की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दोहराया है और मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। 

यह मुद्दा विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने के लिए इजाजत देने से जुड़ा है. पहले हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दे दी थी और फिर 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को इजाजत देने के लिए हाईकोर्ट की तरफ से अपनाए गए दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए मामले को लंबित रखा था। 

कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश में मातृत्व पर पन्ने दर पन्ने खर्च कर दिए, जबकि असली मुद्दा इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के मानदंडों से जुड़ा है क्योंकि विनेश फोगाट डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हुईं। 

सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को फटकार भी लगाई थी कि वह 2024 से गायब हैं, कभी मातृत्व और कभी  बतौर विधायक हरियाणा विधनासभा की कार्यवाही में व्यस्त होने का हवाला दिया. 2026 के डोपिंग टेस्ट में भी शामिल नहीं हुईं. कोर्ट ने उनसे कहा था कि हमें समझना होगा कि भारतीय खेल, विश्व खेलों से जुड़े हुए हैं. खिलाड़ी की उपलब्धियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन देश हर बात से पहले है.

हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं और 2026 के एशियन गेम्स के ट्रायल्स के लिए अयोग्य ठहराए जाने की डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई को निंदनीय और बदले की भावना से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही खिलाड़ी से ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। 

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