बिहार की चारों शिक्षक MLC सीटों पर बदला समीकरण, पटना से सारण तक सिटिंग उम्मीदवारों की हार

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  पटना
बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. यहां पटना से लेकर तिरहुत, दरभंगा और सारण तक सभी चारों सीटों पर मौजूदा एमएलसी को हार का सामना करना पड़ा है. इन नतीजों में आरजेडी, बीजेपी, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. खास बात यह है कि चारों सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। 

पटना में आरजेडी, तिरहुत में बीजेपी को जीत
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के मौजूदा एमएलसी नवल यादव चुनाव हार गए. इस सीट पर आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार ने जीत दर्ज की है. वहीं, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लेफ्ट के सिटिंग एमएलसी संजय कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा. यहां बीजेपी के नरेंद्र सिंह विजयी रहे। 

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा अपनी सीट नहीं बचा सके. इस सीट पर जन सुराज के सुरेश राय ने जीत हासिल की. दूसरी ओर, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के सिटिंग एमएलसी आफाक अहमद चुनाव हार गए. यहां निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने जीत दर्ज की। 

इन नतीजों में सबसे अहम बात यह रही कि चारों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूदा एमएलसी को हार मिली. पटना में आरजेडी, तिरहुत में बीजेपी, दरभंगा में जन सुराज और सारण में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है. चुनाव परिणामों ने बिहार विधान परिषद की इन चारों सीटों पर प्रतिनिधित्व का समीकरण बदल दिया है। 

सभी MLC के हारने के पीछे क्या ये है वजह?
मौजूदा चारों MLC के चुनाव हारने के पीछे की अगर वजह को तलाशा जाए तो माना जा रहा है कि इसमें शिक्षकों से जुड़े मुद्दे जैसे वेतनमान, प्रमोशन, तबादले और सेवा से जुड़ी मांगें अहम फैक्टर साबित हुई हैं. NDA ने सारण में JDU के आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया था. BJP के पूर्व नेता राहुल राज निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए. उन्हें NDA उम्मीदवार से ज्यादा वोट मिले। 

टिकट बंटवारे से नाराजगी और शिक्षकों के बीच उनकी स्थानीय पकड़ को जीत की बड़ी वजह माना जा रहा है. दरभंगा में जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को हराया. माना जा रहा है कि शिक्षक राजनीति में उनकी सक्रियता और स्थानीय संपर्क ने उनकी जीत में बड़ी भूमिका अदा की है। 

वहीं पटना में करीब तीन दशक से MLC रहे नवल किशोर यादव की हार से सीट पर समीकरण पूरी तरीके से बदल गया है. नवल किशोर यादव के चुनावी हार को सरकार के खिलाफ शिक्षकों की नाराजगी से जोड़कर भी देखा जा रहा है. तिरहुत में BJP के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय भूषण झा को 594 वोटों से हराया. इस सीट पर CPI और जन सुराज के उम्मीदवार भी मैदान में थे और माना जा रहा है कि वोटों के बंटवारे का फायदा भाजपा प्रत्याशी को मिला। 

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