जलापूर्ति व्यवस्था जांचने गांव-गांव जाएंगे जलशक्ति मंत्री, ग्रामीणों से लेंगे सीधा फीडबैक

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लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उसकी जमीनी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार सक्रिय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए अब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं गांवों में जाकर नल से जलापूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे।

15 से 25 जुलाई के बीच प्रस्तावित इस विशेष अभियान के तहत जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक दर्जन से अधिक जिलों के गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे न केवल पेयजल आपूर्ति और पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जानेंगे। इस अभियान में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे।

जलशक्ति मंत्री और विभागीय अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन होगा। निरीक्षण के दौरान गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था के संरक्षण और संचालन में सहभागी बनाया जाएगा।

जिलों के दौरे के साथ ग्रामीणों से लिया जाएगा फीडबैक
15 और 16 जुलाई को जलशक्ति मंत्री ललितपुर, झांसी और जालौन के गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लेंगे। इन सभी स्थानों पर वे ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लेकर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करेंगे।

यमुना की सफाई के लिए संतों और ग्रामीणों से संवाद
24 जुलाई को जलशक्ति मंत्री मथुरा में संतों के साथ विशेष संवाद करेंगे। इस बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना तटवर्ती ग्रामीणों को भी इस अभियान से जोड़कर नदी सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जलापूर्ति में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चीफ इंजीनियरों को प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चीफ इंजीनियर अपने स्तर पर भी गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन करें। इन आयोजनों में ग्रामवासियों को जलापूर्ति की व्यवस्था सौंपने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी सचेत किया जाए।

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