लखनऊ
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है. एक तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेल में जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन की रूपरेखा तय करने के लिए 172 सीटों का एक शुरुआती खाका सौंप दिया है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की एक लिस्ट सौंपी है. यह कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं और जमीनी फीडबैक के आधार पर तैयार की है. क्या अखिलेश इसी लिस्ट को लेकर आजम खान के पास गए, जिसका जिक्र भी उन्होंने रामपुर में जेल के बाहर पत्रकारों से किया, आइये समझते हैं पूरी कहानी…
जेल में अखिलेश और आजम की गोपनीय बातचीत
दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की थी. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अखिलेश यादव अपने साथ एक विशेष सूची लेकर गए थे, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों, मतदाता सूची के दावों और गठबंधन के संभावित उम्मीदवारों से जुड़े आंकड़े शामिल थे।
लगभग 45 मिनट तक चली इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी चुनावों की रणनीति, मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने के तरीकों और चुनावी तैयारियों पर गहराई से मंथन हुआ. बाहर निकलकर अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान ने चुनाव और संगठन को लेकर कई बहुमूल्य सुझाव दिए हैं. उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी का एकमात्र मकसद भारतीय जनता पार्टी को हराना है और इस राह में आजम खान का मार्गदर्शन बेहद अहम रहेगा।
कांग्रेस ने सौंपी 172 सीटों की सूची
दूसरी ओर सूत्र बता रहे हैं कि इंडिया गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की एक सूची सौंपी है. बताया जा रहा है कि यह सूची कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं और जमीनी फीडबैक के आधार पर तैयार की है. अखिलेश यादव को दी गई इस लिस्ट को चार अलग कैटेगरी में बांटा गया है।
पहली है A कैटेगरी : ये वो सीटें हैं जहां कांग्रेस का आधार बहुत मजबूत है और इन पर वह कोई समझौता नहीं करना चाहती।
दूसरी है B कैटेगरी : इन सीटों पर थोड़ा बहुत फेरबदल संभव है. इन पर वह बातचीत के लिए तैयार है।
तीसरी और चौथी है C और D कैटेगरी : इन कैटेगरी की सीटों पर बातचीत और आखिरी निर्णय पूरी तरह खुला हुआ है. यानि पार्टी इसमें अखिलेश से नेगोशिएशन को तैयार है।
सीटों के आंकड़े से ज्यादा किस बात पर जोर?
कांग्रेस सूत्रों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी किसी जिद्दी आंकड़े या सीटों की तय संख्या पर अड़ी नहीं है. पार्टी की पहली प्राथमिकता एक सम्मानजनक संख्या हासिल करना है ताकि गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ सके. हालांकि अभी दोनों पक्षों के बीच अकई दौर की बातचीत होना बाकी है, इसलिए किसी भी अंतिम आंकड़े को लेकर अभी कुछ ठोस कहा नहीं जा सकता है।

