ग्रेटर नोएडा
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में क्रेताओं और प्रतिनिधियों की सहभागिता से ये साफ है कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद अब यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश के क्रेताओं द्वारा दिखाई गई रुचि के कारण इस बार इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल तथा विभिन्न प्राधिकरणों एवं जीआई उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों के 2400 से अधिक स्टॉल प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषय शामिल हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के संबंध में वैश्विक क्रेताओं से सीधे विचार-विमर्श करने, नए बाजार तलाशने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का व्यापक अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि आयोजन में 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। साथ ही, 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र के माध्यम से विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराकर उन्हें अपने हुनर को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किया जा चुका है।कारीगरों और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ते हुए कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण एवं उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

