जयपुर
राजस्थान सरकार के एक आदेश से 7 हज़ार बेरोज़गारों को सरकारी नौकरी मिल गई है। इसमें भी बड़ी बात ये है कि लगभग 5 हज़ार चयनित अभ्यर्थियों को तो उनके गृह ज़िले में ही पहली पोस्टिंग की राहत दी गई है। शेष चयनितों को नजदीकी ज़िले में भेजा गया है। खबर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 से जुड़ी है जहां चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति को लेकर सरकार के आदेश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजहेल्थ पोर्टल के माध्यम से कुल 7,903 चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापन और नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय की सबसे खास बात यह रही कि सरकार की संवेदनशीलता के कारण लगभग 5,000 अभ्यर्थियों को उनके अपने ही गृह जिले में पहली पोस्टिंग मिल गई है, जबकि 1,630 अभ्यर्थियों को उनके घर के नजदीकी जिले में तैनात किया गया है। इस नीति से न केवल हजारों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रदेश की दूर-दराज में स्थित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थाओं में कर्मचारियों की कमी भी पूरी होगी।
विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के मार्गदर्शन में विभाग ने कर्मचारी हितैषी नीति को प्राथमिकता दी है, जिससे नव-नियुक्त युवाओं को अपने परिवार से दूर रहने की आर्थिक और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी।
राजहेल्थ पोर्टल से ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी पदस्थापन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करते हुए तकनीक का सहारा लिया। निदेशक (अराजपत्रित) राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि चिकित्सा मंत्री और प्रमुख शासन सचिव की मंशा के अनुरूप पदस्थापन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और त्वरित बनाया गया।
अभ्यर्थियों को बिना किसी सिफारिश या दफ्तरों के चक्कर काटे सीधे राजहेल्थ पोर्टल के जरिए पदस्थापन स्थान का आवंटन किया गया। डिजिटल प्रक्रिया अपनाए जाने से पारदर्शिता बनी रही और अभ्यर्थियों को पदस्थापन सूची जारी होते ही उनके पोर्टल लॉगिन पर तुरंत जानकारी मिल गई। ऑफलाइन प्रक्रिया में लगने वाले महीनों के समय को बचाते हुए रिकॉर्ड समय में पदस्थापन आदेश जारी किए गए।
विभाग द्वारा लागू की गई संवेदनशीलता और कर्मचारी हितैषी नीति का सबसे ज्यादा फायदा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले युवाओं को मिला है। सालों की मेहनत के बाद सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह दोहरी खुशी का मौका बन गया है।
गृह जिला आवंटन
करीब 5,000 नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके अपने गृह जिले में ही पोस्टिंग दी गई है, जिससे वे अपने परिवार के साथ रहकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
नजदीकी जिले का विकल्प
1,630 कर्मचारियों को उनके गृह जिले से सटे पड़ोसी जिलों में पदस्थापित किया गया है।
समीपवर्ती संभाग
शेष अभ्यर्थियों को उनके नजदीकी संभाग क्षेत्र में तैनात किया गया है ताकि किसी भी कर्मचारी को राज्य के दूसरे छोर पर न जाना पड़े।
अस्पतालों- स्वास्थ्य केंद्रों को नया प्रशासनिक बल
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजस्थान के सरकारी अस्पतालों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खाली पड़े पदों के कारण रोजमर्रा के प्रशासनिक और सफाई व्यवस्था के कार्यों में दिक्कतें आ रही थीं।
अब 7,903 नए कर्मचारियों के आ जाने से प्रदेश के कोने-कोने में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। कर्मचारी उच्च मनोबल और उत्साह के साथ अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
नव-नियुक्त कर्मचारियों और परिवारों में जश्न का माहौल
जैसे ही राजहेल्थ पोर्टल पर पदस्थापन की सूची अपलोड की गई, अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नौकरी के साथ-साथ अपने ही जिले या पास के जिले में नियुक्ति मिलने से अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया है। जल्द ही सभी नव-नियुक्त कर्मचारी अपने-अपने आवंटित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराकर अपना कार्यभार संभालेंगे।

