गरुड़ पुराण में गर्भवती महिला और बच्चों के अंतिम संस्कार को लेकर क्या नियम हैं?

Date:

हम सभी जानते हैं कि सामान्य हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है. चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, मृत शरीर को अग्नि के सुपुर्द करने की परंपरा रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिला और छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की विधि सामान्य से अलग मानी जाती है?

गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद किए जाने वाले संस्कारों को लेकर कई तरह के नियम और मान्यताएं बताई गई हैं. इन्हीं में गर्भवती महिला और कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के अंतिम संस्कार का भी उल्लेख मिलता है l

जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसके गर्भ में एक शिशु पल रहा होता है. ऐसे में अगर गर्भवती महिला की मृत्यु हो जाए तो धार्मिक परंपराओं के अनुसार सबसे पहले गर्भ में पल रहे बच्चे को बाहर निकालने की बात कही गई है. अगर बच्चा जीवित हो, तो उसका पालन-पोषण सामान्य बच्चे की तरह किया जाना चाहिए. लेकिन अगर गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मृत्यु हो चुकी हो, तो उसके अंतिम संस्कार को लेकर अलग धार्मिक नियम बताए गए हैं l

गर्भवती महिला के अंतिम संस्कार को लेकर क्या मान्यता है?
गरुड़ पुराण के अनुसार, गर्भवती महिला की मृत्यु होने पर उसके अंतिम संस्कार से पहले गर्भस्थ शिशु को बाहर निकालने की बात कही गई है. इसके बाद महिला के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाती है. धार्मिक परंपराओं में मृत्यु के बाद दान-पुण्य को भी महत्वपूर्ण माना गया है. इसलिए मृतक की स्थिति के अनुसार दान आदि करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है l

वहीं, यदि किसी गर्भवती महिला के पति की मृत्यु हो जाए, तो ऐसी स्थिति में महिला को धैर्य और संयम के साथ अपने बच्चे का पालन-पोषण करना चाहिए. पुराने समय की सामाजिक परंपराओं में पति की मृत्यु के बाद महिला के जीवन को लेकर कई नियम और मान्यताएं थीं. हालांकि, सती प्रथा जैसी प्रथाएं आज कानूनन समाप्त हो चुकी हैं और इन्हें वर्तमान समय की धार्मिक या सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं माना जा सकता l

छोटे बच्चों की मृत्यु पर क्या होती है अंतिम क्रिया?
गरुड़ पुराण और हिंदू धार्मिक परंपराओं में कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के अंतिम संस्कार को लेकर भी अलग-अलग नियमों का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि बहुत छोटे या नवजात बच्चे की मृत्यु होने पर सामान्य वयस्कों की तरह उसका दाह संस्कार नहीं किया जाता, बल्कि कुछ परंपराओं में उसे दफनाने की बात कही गई है l

ऐसे बच्चे के शरीर को श्वेत वस्त्र में लपेटकर उचित स्थान पर दफनाने की परंपरा का उल्लेख मिलता है. कुछ धार्मिक मान्यताओं में अंतिम समय में तुलसी दल रखने और अन्य धार्मिक वस्तुओं के प्रयोग की बात भी कही गई है l

इसके पीछे धार्मिक मान्यता यह है कि बहुत कम उम्र का बच्चा जीवन के कर्मों और पाप-पुण्य की उस अवस्था में नहीं पहुंचा होता, जिस तरह एक वयस्क व्यक्ति पहुंचता है. इसलिए उसके लिए अलग संस्कार बताए गए हैं l

उम्र बढ़ने के साथ बदल जाती है अंतिम संस्कार की विधि
धार्मिक ग्रंथों में बच्चों की उम्र के अनुसार अंतिम संस्कार और मृत्यु के बाद किए जाने वाले कर्मों में अंतर बताया गया है. बहुत कम उम्र के बच्चों के लिए जहां दफनाने की परंपरा बताई गई है. वहीं कुछ अधिक उम्र के बच्चों के लिए अलग संस्कारों का उल्लेख मिलता है. अलग-अलग परंपराओं और क्षेत्रों में इन नियमों में अंतर भी देखने को मिलता है l

कुछ धार्मिक मान्यताओं में छोटे बच्चों की मृत्यु के बाद विशेष दान-पुण्य करने की बात कही गई है. कहीं दूध का दान, कहीं जल से भरे घड़े का दान और कहीं खीर या भोजन कराने जैसी परंपराओं का उल्लेख मिलता है l

बच्चों की मृत्यु के बाद क्या करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कम उम्र में मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के लिए उनकी उम्र के आधार पर अलग-अलग कर्मकांड बताए गए हैं. कुछ परंपराओं में ब्राह्मणों या बालकों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने की बात कही गई है. वहीं, कुछ आयु वर्ग के बच्चों के लिए मृत्यु के बाद किए जाने वाले संस्कारों में एकादश और द्वादश कर्मों को लेकर भी अलग नियम बताए गए हैं l

हालांकि, इन संस्कारों की विधि ग्रंथ, संप्रदाय, क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है. इसलिए किसी वास्तविक परिस्थिति में स्थानीय पुरोहित या संबंधित धार्मिक परंपरा के जानकार से सलाह लेना उचित माना जाता है l

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

जयपुर में BRICS बैठक, निर्मला सीतारमण ने निजी पूंजी जुटाने पर दिया जोर

जयपुर केन्द्रीय वित्त तथा कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन...

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने दी स्वतंत्रता...

Railway News: अक्टूबर में दिल्ली-रेवाड़ी सहित 23 ट्रेनें कैंसिल, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

रेवाड़ी. उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल पर दिल्ली सराय रोहिल्ला-पटेलनगर-पालम...

Amritsar News: 7 पिस्तौल और 2.03 किलो हेरोइन बरामद, पांच आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

अमृतसर. अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों की...