इबोला महामारी को लेकर WHO की चेतावनी, कांगो में बढ़ते संक्रमण से दुनिया चिंतित

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ब्राजाविल
 डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला आने वाले दिनों में बहुत तेजी से फैल सकता है, जो बड़े पैमाने पर मौतों की वजह बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को यह चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर बहुत गंभीरता बरतने की जरूरत है। डीआर कांगो में इबोला के मामलों की संख्या 3,500 के आंंकड़े को पार कर गई है।

WHO के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी (BVD) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसका संक्रमण लगातार फैल रहा है और मामलों व मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अब तक का सबसे बड़ा इबोला प्रकोप है।

WHO की चेतावनी
15 मई को प्रकोप की घोषणा के बाद से 30 जुलाई तक कुल 3,605 मामलों की पुष्टि हुई है और 1,587 मौतें हुई हैं। इसमें मृत्यु दर (CFR) 44 प्रतिशत रही है। WHO ने चेतावनी दी है कि स्थिति बहुत जटिल बनी हुई है क्योंकि संक्रमण की कड़ियों को तोड़ा नहीं जा सका है। नए संक्रमण और मौतें लगातार बढ़ रही हैं।

दक्षिण सूडान और युगांडा की सीमा से लगा उत्तर-पूर्वी DRC का इतुरी प्रांत बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यह जटिल मानवीय और संघर्ष-ग्रस्त माहौल में फैल रहा है, जहां लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है। यहां आबादी की आवाजाही बहुत ज्यादा है और साफ भोजन और आश्रय जैसी जरूरी सेवाएं सीमित हैं।

दूसरा सबसे बड़ा इबोला प्रकोप
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के नवीनतम प्रकोप ने 2018 और 2020 के बीच देश में आई सबसे घातक महामारी के दौरान दर्ज किए गए मामलों की कुल संख्या को पार कर लिया है। उस महामारी में 3,500 संक्रमणों में से 2,300 लोगों की मौत हो गई थी। कांगों में इस वर्ष के प्रकोप में पांच प्रांतों में 1,556 मौतों सहित 3,532 इबोला मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

यह प्रकोप दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इबोला महामारी में तब्दील हो गया है । संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने रॉयटर्स को बताया हैा कि यह अब तक की सबसे तेजी से फैलने वाली इबोला महामारी है। दुनिया को इस पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

इबोला एक गंभीर और घातक बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों से और संक्रमित लोगों के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलती है। इसका अभी तक कोई टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है।

अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, यह प्रकोप असामान्य रूप से घातक साबित हुआ है, जिसने अपने पहले तीन महीनों में पिछले इबोला प्रकोपों की तुलना में उसी चरण तक पांच गुना अधिक लोगों की जान ले ली है। केवल 2014-16 में पश्चिम अफ्रीका में फैला प्रकोप इससे भी बड़ा था। इसमें गिनी , लाइबेरिया और सिएरा लियोन में 28,616 मामले दर्ज किए गए थे ।

 

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