करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए क्यों रखा जाता है व्रत? जानें रोहिणी नक्षत्र का धार्मिक महत्व

Date:

Chauth 2026 : हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण चौथ माना गया है, जिसे हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। सालभर में कुल 24 चौथें आती हैं, लेकिन करवा चौथ का विशेष महत्व है। इसी दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण बढ़ता है। इस विषय पर हमारी उज्जैन के पंडित एवं ज्योतिषाचार्य मनीष शर्मा से बात हुई। वह कहते हैं, " वर्ष में 24 चौथ पड़ती हैं और हर बार ये अलग-अलग नक्षत्रों में पड़ती हैं। करवा चौथ को सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चौथ इसलिए माना गया है क्योंकि यह चौथ रोहिणी नक्षत्र में पड़ती है और रोहिणी चंद्र देव की सबसे प्रिय रानी हैं।"

इतना ही नहीं, पंडित जी यह भी बताते हैं कि इस बार की करवा चौथ और भी खास है क्योंकि इस बार शुक्र- बुध की युति से लक्ष्‍मीनारायण राजयोग और सूर्य की स्थिति से बुधादित्‍य योग बनेगा, जो रिश्‍तों को गहराई से मजबूत बनाएगा और रिश्‍तों में प्रेम भावना को बढ़ाएगा। चलिए जानते हैं कि आखिर इस पर्व का क्या महत्व है और कैसे इस वर्ष यह और भी ज्यादा खास है।

करवा चौथ के दिन क्‍यों रखा जाता है पति की लंबी उम्र के लिए व्रत?
पंडित मनीष शर्मा के अनुसार, करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखे जाने वाले व्रत का संबंध चंद्रदेव और उनकी पत्नी रोहिणी की पौराणिक कथा से है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा दक्ष की 27 नक्षत्र रूपी पुत्रियों का विवाह चंद्रदेव से हुआ था। इनमें चंद्रमा रोहिणी से सबसे अधिक प्रेम करते थे और अपना ज्यादातर समय उन्हीं के साथ बिताते थे। इससे नाराज होकर अन्य पत्नियों ने राजा दक्ष से शिकायत की। इस पर दक्ष ने चंद्रदेव को क्षय होने का श्राप दे दिया। बाद में भगवान शिव की कृपा से चंद्रमा को राहत मिली और उन्हें दोबारा उनकी कलाएं मिलीं।

हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बनता है। धार्मिक मान्यताओं में चंद्रमा को प्रेम, शांति और सुख का प्रतीक माना गया है।

इसी आस्था के चलते महिलाएं करवा चौथ पर चंद्रदेव की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु, वैवाहिक जीवन में प्रेम और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। यह व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक होता है।

करवा चौथ के दिन लक्ष्‍मीनारायण योग बनने से लाभ
लक्ष्मीनारायण योग तब बनता है जब ग्रहों के राजकुमार बुध और धन-वैभव के स्वामी शुक्र एक ही राशि में बैठे होते हैं। इस वर्ष करवा चौथ के दिन यह योग बन रहा है। इस योग के बनने से गृहस्थ जीवन में धन, सुख-सुविधा, करियर में प्रमोशन और रिश्तों के मध्य आकर्षण बनने की संभावना बढ़ जाएगी।

सूर्य और बुध की युति से करवाचौथ पर लाभ
बुधादित्‍य योग का निर्माण तब होता है, जब कुंडली में एक ही राशि में बुध और सूर्य साथ बैठे होते हैं। इस बार करवा चौथ के दिन सूर्य और बुध की युति बन रही है, जिससे इस दिन किए गए व्रत, पूजन का महत्‍व कई गुना बढ़ जाएगा और महिलाओं को अखंड सौभाग्‍य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पाकिस्तान के खिलाफ PoK में 27 अक्टूबर को मनेगा ब्लैक डे, JKJAAC ने धरना खत्म करने से किया इनकार

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने पाकिस्तानी सरकार...

पुडुचेरी-ओडिशा में मौसम का यू-टर्न, झमाझम बारिश के बीच येलो अलर्ट जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने आंध्र...