योगी कैबिनेट ने एसएएफ विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 को दी मंजूरी, बड़े निवेश और हरित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

Date:

लखनऊ
उत्तर प्रदेश को सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश सतत विमानन ईंधन (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026’ लागू करने को मंजूरी दी गई।

नीति का उद्देश्य विमानन क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देने के साथ ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, निजी निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना और प्रदेश में हरित रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसमें कृषि अवशेष, नगरीय अपशिष्ट और अखाद्य तिलहनों जैसे स्थानीय फीडस्टॉक से एसएएफ उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में नई मूल्य श्रृंखला विकसित करने और किसानों की आय में विविधता लाने पर भी जोर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में धान की भूसी, गेहूं का भूसा और गन्ने की बगास जैसे कृषि अवशेष बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनसे पायरोलिसिस और गैसीफिकेशन जैसी तकनीकों के माध्यम से एसएएफ का उत्पादन किया जा सकता है। गन्ना उत्पादन और एथेनॉल निर्माण में प्रदेश की अग्रणी स्थिति इसे द्वितीय पीढ़ी के जैव ईंधन और अल्कोहल टू जेट एसएएफ तकनीकों के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।

₹200 करोड़ से अधिक निवेश वाली इकाइयों को प्रोत्साहन
नीति में एसएएफ इकाइयों को निवेश के आधार पर तीन श्रेणियों में रखा गया है। ₹200-500 करोड़ तक पूंजी निवेश वाली इकाइयां वृहद, ₹500-1,500 करोड़ तक वाली मेगा और ₹1,500 करोड़ से अधिक निवेश वाली इकाइयां अल्ट्रा मेगा श्रेणी में होंगी। इन इकाइयों को स्टांप ड्यूटी में छूट/प्रतिपूर्ति, भू-उपयोग परिवर्तन प्रभार एवं विकास शुल्क में छूट, नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, ब्याज सब्सिडी, 10 वर्षों तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट, कौशल विकास सब्सिडी, पेटेंट पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति सहित विभिन्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे। जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड पैकेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए भी प्रावधान किया गया है। भूमि आवंटन की स्थिति में फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी भी मिलेगी।

पांच वर्ष प्रभावी रहेगी नीति
एसएएफ इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहनों की स्वीकृति और वितरण के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। आवेदनों के मूल्यांकन के लिए निदेशक, यूपीनेडा के स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह नीति लागू होने की तिथि से पांच वर्ष तक अथवा नई नीति के लागू होने तक प्रभावी रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

गरबा पोशाक में सिगरेट पीने और पिस्टल दिखाने वाली 3 लड़कियां गिरफ्तार, कुल 9 आरोपी पकड़े गए

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रास गरबा कार्यक्रम के दौरान...

अमेरिका के बयान पर भारत की कड़ी आपत्ति, भारतीयों को बंधुआ मजदूर बताने वाली टिप्पणी पर जताया विरोध

नई दिल्ली/वाशिंगटन   भारत ने H-1B वीजा हायरिंग पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति...

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ: राज्यमंत्री गौर

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक...