लाउडस्पीकर विवाद पर भड़के युसूफ पठान, बोले- मस्जिदों से हटाए जा रहे स्पीकर; अमित शाह से लगाई गुहार

Date:

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर 'एनसीपीआई' में शामिल हुए तीन बागी सांसदों ने अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में तत्काल दखल देने की गुहार लगाई है। बहरामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान समेत तीन सांसदों ने गृह मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर पुलिस की इस कार्रवाई को रोकने की मांग की है।

अमित शाह से क्या बोले तीनों सांसद?
2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीतने वाले बहरामपुर के सांसद युसूफ पठान, मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ने  गृह मंत्री के कार्यालय को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा।

सांसदों ने ज्ञापन में कहा है कि वे शोर नियंत्रण पर कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से सम्मान करते हैं। हालांकि, सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि नियमों का पालन 'निष्पक्ष, एक समान और संवेदनशील' तरीके से हो, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

क्या है पूरा विवाद और पुलिस की दलील?
दरअसल, पश्चिम बंगाल से ऐसी खबरें आ रही थीं कि स्थानीय पुलिस द्वारा मस्जिदों से अजान के लिए इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर जबरन हटाए जा रहे हैं। इसी के विरोध में सांसदों ने यह कदम उठाया है। दूसरी ओर, इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं की जा रही है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के तहत सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से नियमों को लागू किया जा रहा है।

NDA की बैठकों से दूर क्यों हैं ये सांसद?
बता दें कि ये तीनों सांसद उन 20 सांसदों के समूह में शामिल हैं, जिन्होंने टीएमसी का साथ छोड़कर एनसीपीआई का दामन थामा है। एनसीपीआई एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है, जिसने त्रिपुरा में दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और इसे चंद सौ वोट ही मिले थे। यह पार्टी बीजेपी का समर्थन करती है। हालांकि, बंगाल के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले से आने वाले इन तीनों मुस्लिम सांसदों ने हाल ही में एनडीए की बैठकों से दूरी बना ली थी। उनका स्पष्ट कहना था कि वे ऐसे किसी भी कानून का समर्थन नहीं करेंगे जो मुसलमानों के हितों के खिलाफ जाता हो।

वोटर लिस्ट से 4.55 लाख नाम कटने का भी उठाया मुद्दा
लाउडस्पीकर विवाद के अलावा, इन सांसदों ने मतदाता पहचान पत्र (EPIC) ट्रिब्यूनल के लंबित मामलों में हो रही भारी देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। सांसदों ने बताया कि कई असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं और वे ट्रिब्यूनल के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी की वजह से आम लोगों को पासपोर्ट वेरिफिकेशन, जमीन की रजिस्ट्री और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी हो रही है।

सांसदों ने मांग की है कि इस साल के अंत तक सभी लंबित और असली मामलों का तेजी से निपटारा किया जाए। गौरतलब है कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत अकेले मुर्शिदाबाद जिले में 4.55 लाख नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य के सभी जिलों में सबसे अधिक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

CM Yogi to present awards on National Handloom Day; major announcements, including a textile park, likely

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के...

बीरू वाल्मीकि मर्डर केस में बड़ा एक्शन, हरियाणा पुलिस ने आरोपियों का किया एनकाउंटर

करनाल. भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास बुधवार रात को बीरू...

सुदामा वाले बयान के बाद सियासत गरमाई, OP राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

लखनऊ  सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ दिनों से समाजवादी...

Punjab Drug Crackdown: अमृतसर में 5 किलो हेरोइन जब्त, ₹35 करोड़ की खेप के साथ तस्कर दबोचा

अमृतसर अमृतसर जिला देहात पुलिस और बीएसएफ ने संयुक अभियान...