दीवाली के बाद धनास कॉलोनी पर होगी कार्रवाई, स्लम फ्री सिटी बनेगा चंडीगढ़

Date:

चंडीगढ़.

दिवाली के बाद चंडीगढ़ की धनास कच्ची कॉलोनी पर बुलडोजर चलेगा, जिससे शहर को झुग्गी-मुक्त बनाने की तैयारी है। लगभग 800 मकानों में रहने वाले हजारों लोगों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है, जबकि प्रशासन पुनर्वास पर विचार कर रहा है।

दीवाली के बाद चंडीगढ़ की धनास कच्ची कॉलोनी पर बुलडोजर चलेगा। यह शहर की आखिरी कच्ची काॅलोनी है। लगभग 800HighLightsकार्रवाई के बाद चंडीगढ़ को झुग्गी मुक्त बनाने का दावा।दीवाली के बाद धनास की कच्ची काॅलोनी को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासन ने शहर की इस आखिरी बची स्लम काॅलोनी को हटाने की तैयारी कर ली है। नगर निगम चुनाव से पहले कार्रवाई पूरी करने की योजना है। प्रशासन के अनुसार, इस काॅलोनी के हटने के बाद चंडीगढ़ पूरी तरह झुग्गी मुक्त हो जाएगा। करीब 18 एकड़ में फैली इस काॅलोनी में लगभग 800 मकान बने हुए हैं। यहां रहने वाले लोगों के सामने अब आवास का संकट खड़ा होने की आशंका है। संपदा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दीवाली के बाद काॅलोनी खाली कराने की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी है। करीब 20 साल से लंबित इस मामले में प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और अतिक्रमण हटाओ दस्ते को डेमोलिशन ड्राइव का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कार्रवाई की प्रक्रिया और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। जल्द ही काॅलोनी में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है, ताकि वे खुद ही जगह खाली कर दें। नगर निगम चुनाव नजदीक होने के कारण इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ सकती है।

धनास की यह काॅलोनी किसानों, जमीन मालिकों और शामलात जमीन पर विकसित हुई है। यहां झुग्गियों के अलावा टीन शेड और कुछ पक्के मकान भी बने हुए हैं। काॅलोनी में करीब 10 हजार लोगों के रहने का अनुमान है, जबकि लगभग 2500 मतदाता बताए जाते हैं। ऐसे में कार्रवाई से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं। कालोनी हटाने की योजना के बीच प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।प्रशासन के अनुसार, अब तक 18 काॅलोनियों को हटाकर लगभग 520 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई जा चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 21 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है। पिछले वर्ष सेक्टर-25 की जनता कालोनी से लगभग 10 एकड़ जमीन खाली कराई गई थी, जिसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपये आंकी गई। इंडस्ट्रियल एरिया की संजय कालोनी से छह एकड़ जमीन खाली कराई गई, जबकि सेक्टर-54 की आदर्श काॅलोनी भी हटाई गई। अब धनास की कच्ची काॅलोनी को हटाने की तैयारी है। इन काॅलोनियों को हटाने की कार्रवाई डीसी निशांत कुमार यादव के नेतृत्व में की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इन अभियानों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कार्रवाई को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले की कार्रवाइयों के दौरान किसी बड़े हंगामे की स्थिति सामने नहीं आई। अब धनास काॅलोनी को हटाने की तैयारी के बीच प्रशासन के सामने अतिक्रमण हटाने के साथ प्रभावित परिवारों से जुड़े मुद्दों को भी संभालने की चुनौती रहेगी।

दीवाली के बाद चंडीगढ़ की धनास कच्ची कॉलोनी पर बुलडोजर चलेगा। यह शहर की आखिरी कच्ची काॅलोनी है। लगभग 800HighLightsकार्रवाई के बाद चंडीगढ़ को झुग्गी मुक्त बनाने का दावा।दीवाली के बाद धनास की कच्ची काॅलोनी को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासन ने शहर की इस आखिरी बची स्लम काॅलोनी को हटाने की तैयारी कर ली है। नगर निगम चुनाव से पहले कार्रवाई पूरी करने की योजना है। प्रशासन के अनुसार, इस काॅलोनी के हटने के बाद चंडीगढ़ पूरी तरह झुग्गी मुक्त हो जाएगा। करीब 18 एकड़ में फैली इस काॅलोनी में लगभग 800 मकान बने हुए हैं। यहां रहने वाले लोगों के सामने अब आवास का संकट खड़ा होने की आशंका है। संपदा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दीवाली के बाद काॅलोनी खाली कराने की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी है। करीब 20 साल से लंबित इस मामले में प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और अतिक्रमण हटाओ दस्ते को डेमोलिशन ड्राइव का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कार्रवाई की प्रक्रिया और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। जल्द ही काॅलोनी में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है, ताकि वे खुद ही जगह खाली कर दें।

नगर निगम चुनाव नजदीक होने के कारण इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ सकती है।धनास की यह काॅलोनी किसानों, जमीन मालिकों और शामलात जमीन पर विकसित हुई है। यहां झुग्गियों के अलावा टीन शेड और कुछ पक्के मकान भी बने हुए हैं। काॅलोनी में करीब 10 हजार लोगों के रहने का अनुमान है, जबकि लगभग 2500 मतदाता बताए जाते हैं। ऐसे में कार्रवाई से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं। कालोनी हटाने की योजना के बीच प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।प्रशासन के अनुसार, अब तक 18 काॅलोनियों को हटाकर लगभग 520 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई जा चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 21 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है।

पिछले वर्ष सेक्टर-25 की जनता कालोनी से लगभग 10 एकड़ जमीन खाली कराई गई थी, जिसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपये आंकी गई। इंडस्ट्रियल एरिया की संजय कालोनी से छह एकड़ जमीन खाली कराई गई, जबकि सेक्टर-54 की आदर्श काॅलोनी भी हटाई गई। अब धनास की कच्ची काॅलोनी को हटाने की तैयारी है। इन काॅलोनियों को हटाने की कार्रवाई डीसी निशांत कुमार यादव के नेतृत्व में की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इन अभियानों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कार्रवाई को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले की कार्रवाइयों के दौरान किसी बड़े हंगामे की स्थिति सामने नहीं आई। अब धनास काॅलोनी को हटाने की तैयारी के बीच प्रशासन के सामने अतिक्रमण हटाने के साथ प्रभावित परिवारों से जुड़े मुद्दों को भी संभालने की चुनौती रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बस्तर में मौसम की मार का खतरा, खेतों में पड़ी फसल बचाने में जुटे किसान

बस्तर. चक्रवाती तूफान का खतरा भले ही फिलहाल टलता नजर...

मध्य प्रदेश में ADPO भर्ती नियमों पर हाईकोर्ट की रोक, प्रमोशन के लिए आरक्षित 10% कोटा निरस्त

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक...

बॉलीवुड से आई दुखद खबर, फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने दुनिया को कहा अलविदा

मुंबई  बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक बहुत ही दर्दनाक और...

ट्विशा केस में गवाहों की सुरक्षा पर CBI ने जताई चिंता, भोपाल में धमकी मिलने का खतरा

भोपाल  मॉडल ट्विशा शर्मा मौत के मामले में केंद्रीय जांच...