जूते की दुकान की आड़ में जासूसी! सैन्य वाहनों की निगरानी करने वाले दो और आरोपी पकड़े गए

Date:

लुधियाना.

पाकिस्तान के इशारे पर चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में काउंटर इंटेलिजेंस इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े एक दुकानदार ने अवैध निगरानी कैमरे लगाकर सैन्य वाहनों की आवाजाही की लाइव तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे संचालकों तक पहुंचाई थीं।

जानकारी के अनुसार, संदिग्ध रछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुकान के बाहर लगाए गए कैमरों की लाइव फीड बंद हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों ने रछपाल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह पहले ही पुलिस हिरासत में था। इसके बाद कैमरों की स्थिति जांचने के लिए दो युवकों को भेजा गया।

दुकान की आड़ में चल रहा था कथित नेटवर्क
पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। टीम ने सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी बढ़ाकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों युवक कैमरों और उनकी व्यवस्था की जांच करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमृतसर निवासी रोहित और वरिंदर मसीह के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि रछपाल सिंह ने लुधियाना-फिरोजपुर मार्ग पर किराये की दुकान लेकर जूते का कारोबार शुरू किया था। पुलिस का आरोप है कि यह दुकान कथित जासूसी नेटवर्क के लिए सामने से सामान्य कारोबार और पीछे से निगरानी के काम आ रही थी।

आरोपियों से पूछताछ शुरू
पुलिस के मुताबिक, दुकान के बाहर ऐसे ऐप आधारित कैमरे लगाए गए थे, जिनका रुख सड़क की ओर था। इन कैमरों के जरिए सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलों की तस्वीरें भी पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों तक भेजे जाने का आरोप है। गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों से इनके संपर्क किस माध्यम से होते थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related