डॉक्टरों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर, बिहार के 15 हजार स्वास्थ्य संस्थानों में होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

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पटना 
बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी संभालने के बाद निशांत कुमार फुल ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। वो ताबड़तोड़ अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही पर ऐक्शन ले रहे हैं तो वहीं वो बड़े-बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अब निशांत कुमार ने ऐलान किया है कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के पीछे सरकार की यह मंशा है कि वो डॉक्टरों पर निगरानी रख सकें कि अस्पताल में वो किस तरह से अपना काम कर रहे हैं।निशांत कुमार ने यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल और सभी सीएचसी को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में डेवलप किया जाएगा।

मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम जो दवा दे रहे हैं वो जनता तक पहुंचे। हम इस बात को लेकर प्रयासरत हैं कि दवा सही मात्रा में और सही ढंग से जनता तक पहुंच सके। हमारी सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों या अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी की। इसके लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और हम इन सभी में अब कैमरा लगवा रहे हैं। हम एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं कि कोई भी डॉक्टर अस्पताल में आता है, जाता है तो उसके बीच में वो क्या करता है उसका रिकॉर्ड हम रख सकें। मान लीजिए अगर कोई डॉक्टर 9 बजे आया और 1 बजे गया तो इस बीच में उसने ओपीडी किया या आईपीडी किया याा फिर उसने सर्जरी की या क्या कुछ किया उन सभी चीजों का रिकॉर्ड हमारे पास रहेगा। सभी जगहों पर हम कैमरा लगा रहे हैं ताकि हम कैमरे से ही निगरानी कर सकें। मैं खुद इसको मॉनीटरिंग करूंगा।’

निशांत कुमार ने बताया है कि बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-थ्री और पांच लेवल-टू ट्रामा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा।

PMCH के प्राचार्य पर हुआ था ऐक्शन
बता दें कि इससे पहले पटना स्थित PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जब दौरा किया था तब लापरवाही के आरोप में प्राचार्य पर ऐक्शन भी लिया गया था। बिहार सरकार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पीएमसीएच के पूर्व निर्धारित निरीक्षण के बाद की गई थी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया था कि प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना नहीं दी थी और न ही अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया। नरेंद्र सिंह को अब बेतिया में प्रोफेसर के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, पटना चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. गीता सिन्हा को अगले आदेश तक पीएमसीएच की प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

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