धान रोपाई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, बिहार में आठ लोगों की दर्दनाक मौत

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पटना
पूर्वी बिहार और सीमांचल में रविवार दोपहर गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से बांका में पिता-पुत्र समेत छह लोगों की मौत हो गई। वहीं जमुई और कटिहार जिले में भी किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। बांका के रजौन और चांदन प्रखंड में आठ लोग झुलस गए। सभी मृतक खेतों में धान रोपाई अथवा कृषि कार्य के दौरान वज्रपात की चपेट में आए।बांका प्रखंड के खाबा गांव में खेत में काम कर रहे ब्रह्मदेव यादव (35 वर्ष) अपने बच्चों को खेत के किनारे बिठाकर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से ब्रह्मदेव और उनके पांच वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार की मौत हो गई।

वज्रपात से 8 लोगों की मौत
वहीं गोलहुआ गांव में खेत में कार्य कर रहे किसान इनोद यादव (35 वर्ष) की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। लीलाबरन गांव में धान रोपाई कर रहीं सरिता देवी (30 वर्ष) की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बाराहाट प्रखंड के डफरपुर गांव निवासी मजदूर साधु तांती (55 वर्ष) खेत में कार्य करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अमरपुर प्रखंड के सलेमपुर गांव में धान रोपाई कर रहे अजय महतो (35 वर्ष) की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं रजौन तथा चांदन प्रखंड के आनंदपुर क्षेत्र में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

सावन की पहली बारिश बनी 4 परिवारों का काल
सावन की पहली बारिश बांका जिले के चार परिवारों के लिए काल बनकर बरसी। जिले के अलग-अलग गांवों में खेतों में धान का बिचड़ा तैयार करने के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसों के बाद मृतकों के गांवों में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पहली घटना बांका प्रखंड की दक्षिणी कटेली पंचायत के खाबा गांव की है। जहां घनश्याम प्रसाद यादव के 35 वर्षीय पुत्र ब्रह्मदेव यादव अपने पांच वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार के साथ खेत में धान का बिचड़ा तैयार कर रहे थे और प्रिंस पास में ही मेड़ पर खेल रहा था। इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आकर दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास काम कर रहे ग्रामीण तत्काल दोनों को सदर अस्पताल, बांका लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया।

धान का बिचड़ा लगाने के दौरान ठनका गिरा
खेती कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले ब्रह्मदेव यादव अपने पीछे पत्नी और एक पुत्री को छोड़ गए है। जबकि दूसरी घटना बांका प्रखंड की डारा पंचायत के लीलावरण गांव में हुई। यहां प्रकाश यादव की 30 वर्षीय पत्नी सरिता देवी खेत में धान का बिचड़ा तैयार कर रही थीं। इसी दौरान ठनका गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि, उनके पति दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सरिता देवी अपने पीछे दो पुत्र, 10 वर्षीय अभिषेक कुमार और आठ वर्षीय ललन कुमार को छोड़ गई हैं।

विनोद यादव की खेत में काम करने के दौरान मौत
वहीं तीसरी घटना कर्मा पंचायत के गोलाहु गांव की है। यहां उपेंद्र यादव के 35 वर्षीय पुत्र इनोद यादव खेत में बिचड़ा तैयार कर रहे थे। तभी वज्रपात की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई। खेती कर अपने परिवार का पेट पालने वाले इनोद यादव अपने पीछे पत्नी कविता देवी और पांच बेटियों को छोड़ गए हैं। एक ही दिन में चार लोगों की मौत से बांका प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई। साथ ही ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर प्रशासन ने लोगों से बारिश और गर्जन के दौरान खेतों या खुले स्थानों में काम नहीं करने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।

जमुई और कटिहार में भी ठनका से एक-एक मौत
जमुई के चकाई प्रखंड की परांची पंचायत के कोकहरा गांव में रविवार दोपहर बाद ठनका की चपेट में आने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोकहरा में टोला सेवक प्रकाश तुरी (36 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी पत्नी गुड़िया देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें इलाज के लिए देवघर रेफर किया गया है। वहीं कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र की बैरिया पंचायत के सोलकंधा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लक्ष्मण कुमार सिंह (14 वर्ष) की मौत हो गई

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