प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर उठा बड़ा सवाल, MP हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब; 3 अगस्त तक का समय

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इंदौर 

एक व्यक्ति को एक ही बार प्रधानमंत्री बनाया जाए। देश में वन नेशन-वन पोस्ट की व्यवस्था लागू की जाए। इस मांग के साथ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को जस्टिस संजीव एन. भट्ट की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका आलीराजपुर के 70 वर्षीय वकील डॉ. शंकरलाल वागवान ने एमपी हाईकोर्ट इंदौर में दायर की है।

याचिका में एक व्यक्ति को एक ही बार PM बनने का आदेश जारी करने की मांग
याचिका में उन्होंने केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को पार्टी बनाया है। इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि सभी व्यक्तियों को समानता का अधिकार है। ऐसे में सभी को एक बार देश का प्रधानमंत्री और देश का गृहमंत्री बनने का भी अधिकार है। यह तय करने के लिए कोर्ट वन नेशन-वन पोस्ट को लागू करते हुए एक व्यक्ति को केवल एक बार ही देश का प्रधानमंत्री बनने का आदेश जारी करे।

पहले भी लगाई जा चुकी है याचिका
बता दें कि इससे पहले भी इससे पूर्व भी उन्होंने याचिका दायर की थी, लेकिन याचिका में डिफेक्ट दूर करने के निर्देश दिए गए थे। डिफेक्ट दूर नहीं करने के चलते याचिका खारिज कर दी गई थी। उसी याचिका को दोबारा रिस्टोर करने के लिए यह याचिका दायर की गई है।

सोमवार को याचिकाकर्ता ने अपनी मांग कोर्ट के समक्ष रखी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने 3 अगस्त तक का समय दिया है। इसके बाद के सप्ताह में कोर्ट इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगी।

क्या भारत में प्रधानमंत्री कार्यकाल की कोई सीमा है?
भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री का कार्यकाल तो 5 साल का है, लेकिन एक ही व्यक्ति कितनी बार प्रधानमंत्री बनेगा ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते एक ही व्यक्ति कई बार प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। दरअसल जब किसी व्यक्ति को जब लोकसभा से लगातार बहुमत से समर्थन मिलता रहे तो वह कितनी भी बार प्रधानमंत्री पद ग्रहण कर सकता है। भारतीय संविधान में केवल प्रधानमंत्री की आयु, संसद की सदस्यता और बहुमत के समर्थन जैसी ही शर्तें रखी गई हैं। यही कारण है कि कई नेता कई बार प्रधानमंत्री पद संभालते रहे हैं।

दुनिया के वो देश जहां भारत जैसी है प्रधानमंत्री कार्यकाल की स्थिति
एक्सपर्ट्स की मानें तो संसदीय लोकतंत्र वाले ज्यादातर देशों में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा तय नहीं है। अगर भारत एक बार एक प्रधानमंत्री जैसी व्यवस्था को लागू करना चाहता है तो इसके लिए संवैधानिक संशोधन सहित व्यापक स्तर पर कानूनी और संसदीय प्रक्रिया की जरूरत पड़ती है। उसके बाद ही यह व्यवस्था लाई जा सकती है।

    ब्रिटेन भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री की संख्या या कार्यकाल की कोई संवैधानिक सीमा नहीं है।
    कनाडा में भी एक व्यक्ति कितनी भी बार प्रधानमंत्री बन सकता है, बशर्ते की उसे संसद का विश्वास प्राप्त हो।
    आस्ट्रेलिया में भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है।
    जापान भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है।

फैक्ट फाइल
किसने दायर की याचिका- डॉ. शंकरदयाल वागवान, 70 साल के अधिवक्ता, आलीराजपुर निवासी।
क्या है मांग- इन्होंने हाईकोर्ट में दर्ज याचिका में मांग की है कि देश में किसी भी व्यक्ति को केवल एक ही बार प्रधानमंत्री और एक ही बार गृहमंत्री बनाए जाने का आदेश जारी किया जाए।
पक्षकार- केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री
हाईकोर्ट का आदेश- कोर्ट ने नोटिस जारी किया, केंद्र सरकार से 3 अगस्त तक जवाब तलब किया है।
अगली सुनवाई- 3 अगस्त के बाद कोर्ट सुनवाई की तारीख तय करेगा।

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