भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश, 20-25 जून के बीच मानसून की दस्तक के आसार

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लखनऊ
यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है।

मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर
मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है।

पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी।

मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म
एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा।

इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

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