गोरखपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में उत्तर प्रदेश की ताकत दिखाई दे रही है। यहां उत्तर प्रदेश में निर्मित तमाम उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें गोरखपुर के टेराकोट उत्पाद भी शामिल हैं। रविवार को वहां 1.5 लाख से अधिक लोग आए, सोमवार को भी भारी भीड़ उमड़ी है। इस ट्रेड शो में 90 देशों के खरीदार पहुंचे हैं, जो यूपी की सामर्थ्य दिखाता है। शो में शिल्पकारों के उत्पादों की बिक्री और उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर में एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भी उत्तर प्रदेश के पास सामर्थ्य था, लेकिन नेतृत्व के पास इच्छाशक्ति नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप यूपी बीमारू और बदनाम प्रदेश बनकर रह गया था। इसे देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। किंतु, बीते साढ़े नौ सालों में सम-विषम परिस्थितियों में नेतृत्व के जूझने और अनथक प्रयास का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज बीमारू की छवि से उबरकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
चुनौतियों से जूझकर किए हर क्षेत्र में रिफॉर्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कई चुनैतियां थीं। बाहर के लोग यूपी का नाम सुनकर चौंकते थे। पहचान का संकट ऐसा था कि युवाओं के लिए राज्य, देश या विदेश में नौकरी नहीं थी। कर्फ्यू-दंगे प्रदेश की नियति बन गए थे। पुलिस में दो लाख पद खाली थे तो कानून व्यवस्था कैसे ठीक रहती। सरकार में आने के बाद हमने हर क्षेत्र में रिफॉर्म किए। युवाओं के हित में सरकार ने न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया, बल्कि प्रशिक्षण और इससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी आगे बढ़ाया। साढ़े नौ सालों में प्रदेश सरकार ने शुचिता व पारदर्शिता के साथ 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसमें अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 30 हजार नौकरियां दी गईं।
कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होकर तेजी से बढ़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना वृद्धि हुई है। कभी बीमारू के तमगे वाला प्रदेश अब देश की टॉप-थ्री इकॉनमी में है। कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होने के बाद यूपी तेज प्रगति की वजह से देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति का ग्रोथ इंजन कहला रहा है। यूपी वही है, लेकिन प्रयास से परिणाम की यात्रा में बदलाव हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा। 2017 से पहले राज्य में सिर्फ 130 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 24 हजार से अधिक हो चुकी है।
कविता सुनाकर बोले सीएम- प्रयास से ही मिलेगी मंजिल
समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षक व अभिभावक की तरह समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में पदक जीतने से पहले सबसे महत्वपूर्ण प्रतिभाग करना है। उन्होंने महान कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता, ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ सुनाते हुए कहा कि सबसे जरूरी है प्रयास करना, क्योंकि प्रयास ही मंजिल तक पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी उदाहरण दिया। कहा कि डॉ. कलाम फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन फेल होने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार में कम साधन होने के बावजूद वह भारत के मिसाइल मैन बने। राष्ट्रपति बनने के पहले उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिला। सीएम ने विद्यार्थियों को सीख दी कि वे अपने हौसलों को कभी कमजोर न होने दें। जो ठान लेता है, वही करके भी दिखाता है। इसलिए जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारना है।
500 खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती अगले सप्ताह से
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को खेल क्षेत्र में भी बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाड, कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता को खूब नकद पुरस्कार देने साथ ही उन्हें सीधे सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले सप्ताह 500 और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती शुरू होगी।
प्रश्न करना नहीं सिखा सकता एआई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की खूब चर्चा है। एआई कार्य को सरल बना सकता है, उत्तर दे सकता है, लेकिन प्रश्न करना नहीं सिखा सकता। तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन इसकी सीमा वहीं तक होनी चाहिए जहां तक इसके प्रयोग से लोक और राष्ट्र कल्याण होता हो। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने और मंजिल पाने के लिए मजबूत जज्बा रखने की शिक्षा दी। सीएम ने विद्यार्थियों को खूब मन लगाकर पढ़ने की नसीहत देते हुए कहा कि खेलना और भ्रमण करना भी आवश्यक है। जब मौका मिले तो किसी स्थान का भ्रमण कर अपनी प्रकृति, संस्कृति और विरासत को जानने व समझने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थितजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के पालन और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

